Pipaliya Rao में 200 करोड़ की सरकारी ज़मीन से गैर-कानूनी कब्ज़ा हटाया गया
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : तहसीलदार कोर्ट के आदेश के बाद, जिला प्रशासन और इंदौर नगर निगम (IMC) की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह पिपलिया राव इलाके में सरकारी ज़मीन से गैर-कानूनी कब्ज़ा हटाने की बड़ी कार्रवाई की। इस ज़मीन की मार्केट वैल्यू लगभग 200 करोड़ रुपये आंकी गई है और कोर्ट ने इसे सरकारी प्रॉपर्टी घोषित किया था।
जैसा कि अधिकारियों ने बताया, कार्रवाई का नेतृत्व जूनी इंदौर के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) घनश्याम धनगर ने किया। उन्होंने कहा कि लगभग 1.78 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली सरकारी ज़मीन से कब्ज़ा हटाया गया, जिसमें सुखबीर सिंह नाम के एक व्यक्ति ने गैर-कानूनी तरीके से घर और गार्ड रूम सहित स्ट्रक्चर बना रखे थे।
धनगर ने बताया, “कलेक्टर के निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने पिपलिया राव इलाके में कार्रवाई की। ज़मीन पर बने सभी स्ट्रक्चर हटाकर यह सरकारी प्रॉपर्टी खाली कराई गई।” उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश लैंड रेवेन्यू कोड (MPLRC) की धारा 248 के तहत तहसील कोर्ट में सुनवाई के बाद हल हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई सुबह जल्दी शुरू हुई और टीम ने प्रभावी ढंग से ज़मीन पर मौजूद सभी अवैध निर्माणों को हटाया। इस ऑपरेशन में जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय पुलिस की टीम ने मिलकर काम किया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की विवाद या हिंसा की घटना नहीं हुई, और सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किए गए।
IMC के अधिकारी ने कहा कि यह कदम शहर में अवैध कब्ज़ों को रोकने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी तरह के अवैध निर्माण या कब्ज़े में शामिल न हों और सरकारी नियमों का पालन करें।
जिला प्रशासन ने आगे कहा कि पिपलिया राव इलाके में सरकारी ज़मीन से कब्ज़ा हटाने के बाद अब वहां किसी भी तरह की नई इमारत या स्ट्रक्चर बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भविष्य में ऐसी कोई कोशिश पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धनगर ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रशासन अवैध कब्ज़ों को बर्दाश्त नहीं करेगा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों के साथ समन्वय और कोर्ट के आदेश के पालन से यह ऑपरेशन सफल रहा।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पिपलिया राव इलाके में सरकारी जमीन की स्थिति साफ हो गई है। प्रशासन का कहना है कि शहर में ऐसी अन्य सरकारी संपत्तियों की पहचान की जा रही है और यदि किसी जगह पर अवैध कब्ज़ा पाया गया तो उस पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इस ऑपरेशन को स्थानीय मीडिया और नागरिक संगठनों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई सरकारी नियमों की मजबूती और नागरिकों के हित की दिशा में महत्वपूर्ण है।