छतरपुर में हॉस्टल वार्डन गिरफ्तार, छह नाबालिग छात्रों ने यौन शोषण का लगाया आरोप
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक सरकारी हॉस्टल के वार्डन पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने गुरुवार को हॉस्टल में रहने वाले छह नाबालिग छात्रों के कथित यौन शोषण के मामले में वार्डन को गिरफ्तार किया है।
मामला शहर के डरी रोड स्थित सरकारी सीनियर अनुसूचित जाति हॉस्टल से जुड़ा है। आरोप है कि हॉस्टल वार्डन आशीष शुक्ला ने वहां रहने वाले छह नाबालिग छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया और उनका कथित रूप से यौन शोषण किया।
छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छह छात्र खुद पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने हॉस्टल वार्डन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपी वार्डन को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
CSP अरुण कुमार सोनी और थाना प्रभारी आशुतोष श्रीयत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने पीड़ित छात्रों के बयान दर्ज किए हैं और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नाबालिग छात्रों से जुड़े मामले में संवेदनशीलता बरतते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद हॉस्टल और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। सरकारी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन की ओर से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
POCSO एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ यौन अपराधों के मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता दी जाती है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी वार्डन लंबे समय से हॉस्टल में तैनात था या नहीं और क्या पहले भी उसके खिलाफ किसी तरह की शिकायत सामने आई थी।
छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकारी छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र परिवार से दूर रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होती है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल आरोपी वार्डन पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने सरकारी हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।