इंदौर। मध्य भारत में प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग से जुड़े कारोबारियों के लिए बड़े B2B आयोजन ‘प्लास्ट पैक 2026’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चार दिवसीय यह प्रदर्शनी 27 से 30 नवंबर तक इंदौर के लाभगंगा एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। इंडियन प्लास्ट पैक फोरम (IPPF) की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्लास्टिक, पैकेजिंग, रीसाइक्लिंग, ऑटोमेशन और नई तकनीकों से जुड़े उत्पाद तथा मशीनरी प्रदर्शित की जाएंगी।
आयोजकों के अनुसार ‘प्लास्ट पैक 2026’ में 500 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे और करीब 450 एग्जिबिटर इसमें हिस्सा लेंगे। चार दिनों तक चलने वाली प्रदर्शनी में उद्योग जगत से जुड़े कारोबारी, निर्माता, मशीनरी सप्लायर और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एक मंच पर मौजूद रहेंगे।
इस बार आयोजन का प्रमुख फोकस ग्रीन टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन पर रहेगा। प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए प्रदर्शनी में बायोप्लास्टिक्स, जीरो-वेस्ट पैकेजिंग और रीसाइक्लिंग से संबंधित नई तकनीकों को प्रमुखता दी जाएगी।
इसके अलावा आधुनिक उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली ऑटोमेशन तकनीक, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इन तकनीकों के जरिए उत्पादन प्रक्रिया को अधिक तेज, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के समाधान पेश किए जाएंगे।
प्रदर्शनी में 100 प्रतिशत कम्पोस्टेबल प्लास्टिक से बने उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पर्यावरण पर पारंपरिक प्लास्टिक के प्रभाव को कम करने के लिए उद्योग में कम्पोस्टेबल विकल्पों की मांग बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियां अपने नए उत्पाद और तकनीकी समाधान यहां प्रदर्शित करेंगी।
पानी में घुलने वाली फिल्मों को भी प्रदर्शनी में पेश किया जाएगा। ऐसी तकनीकों को प्लास्टिक कचरा कम करने के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ पेपर आधारित पैकेजिंग से जुड़े नए उत्पाद और समाधान भी देखने को मिलेंगे।
जीरो-वेस्ट पैकेजिंग इस आयोजन के प्रमुख विषयों में शामिल होगी। पैकेजिंग उद्योग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से पैदा होने वाले कचरे को कम करने और अधिक से अधिक सामग्री को दोबारा उपयोग में लाने के लिए विकसित तकनीकों को यहां प्रदर्शित किया जाएगा।
रीसाइक्लिंग मशीनरी के क्षेत्र में भी कई नई तकनीकों को जगह दी जाएगी। प्लास्टिक कचरे को एकत्र करने, अलग करने और दोबारा उपयोग योग्य सामग्री में बदलने वाली मशीनों से जुड़े समाधान उद्योग प्रतिनिधियों के सामने रखे जाएंगे।
प्लास्टिक उद्योग में ऑटोमेशन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। उत्पादन इकाइयों में मशीनों की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और पैकेजिंग जैसे कामों में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ‘प्लास्ट पैक 2026’ में इससे संबंधित मशीनों और प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
रोबोटिक्स भी इस बार प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग यूनिट में रोबोटिक सिस्टम के जरिए कई प्रक्रियाओं को स्वचालित किया जा सकता है। ऐसे समाधान उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद कर सकते हैं।
AI आधारित प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी भी आयोजन के केंद्र में रहेगी। उत्पादन से जुड़े डेटा का विश्लेषण, मशीनों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। प्रदर्शनी में कंपनियां ऐसी तकनीकों के नए उपयोग और समाधान प्रस्तुत करेंगी।
चार दिवसीय आयोजन को B2B प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका मतलब है कि यहां मुख्य रूप से उद्योग से जुड़े व्यवसायों और कंपनियों के बीच संपर्क स्थापित करने पर जोर रहेगा। एग्जिबिटर अपने उत्पादों और मशीनरी को संभावित खरीदारों और दूसरे उद्योग प्रतिनिधियों के सामने पेश कर सकेंगे।
500 से ज्यादा स्टॉल होने के कारण प्रदर्शनी का दायरा बड़ा रहेगा। अलग-अलग स्टॉल पर प्लास्टिक निर्माण, पैकेजिंग, कच्चे माल, मशीनरी, रीसाइक्लिंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़े उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
450 एग्जिबिटर की भागीदारी से उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों को एक मंच मिलने की उम्मीद है। कंपनियों के लिए यह अपने नए उत्पाद पेश करने के साथ बाजार की जरूरतों और नई तकनीकों को समझने का अवसर भी होगा।
मध्य भारत में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में इंदौर की पहचान लगातार मजबूत हुई है। इसी कारण प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग से जुड़े इस आयोजन के लिए शहर के लाभगंगा एग्जिबिशन सेंटर को चुना गया है।
आयोजन में पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग को विशेष महत्व दिए जाने से यह भी संकेत मिलता है कि उद्योग पारंपरिक प्लास्टिक के विकल्प तलाशने पर तेजी से काम कर रहा है। कम्पोस्टेबल प्लास्टिक, पानी में घुलनशील फिल्म और पेपर आधारित पैकेजिंग जैसे उत्पाद इसी दिशा में विकसित किए जा रहे विकल्पों में शामिल हैं।
रीसाइक्लिंग और जीरो-वेस्ट तकनीक पर जोर का उद्देश्य प्लास्टिक के उपयोग के बाद पैदा होने वाले कचरे के बेहतर प्रबंधन से जुड़ा है। नई मशीनरी और तकनीकों के माध्यम से इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक को दोबारा उत्पादन प्रक्रिया में शामिल करने के तरीके प्रदर्शित किए जाएंगे।
‘प्लास्ट पैक 2026’ के जरिए पारंपरिक मशीनरी के साथ भविष्य की तकनीकों को भी सामने लाने की तैयारी है। ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और AI आधारित सिस्टम इसका प्रमुख उदाहरण होंगे। ये तकनीकें प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग में उत्पादन प्रक्रिया के तेजी से बदलते स्वरूप को दिखाएंगी।
27 नवंबर से शुरू होने वाला आयोजन 30 नवंबर तक चलेगा। चार दिनों के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों को नई मशीनरी और उत्पाद देखने के साथ विभिन्न कंपनियों से सीधे संपर्क करने का अवसर मिलेगा।
इंडियन प्लास्ट पैक फोरम की ओर से आयोजित यह प्रदर्शनी प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग में नई तकनीक, पर्यावरण अनुकूल विकल्प और आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास है। 500 से अधिक स्टॉल और 450 एग्जिबिटर के साथ ‘प्लास्ट पैक 2026’ में ग्रीन टेक्नोलॉजी से लेकर AI आधारित प्रोसेसिंग तक कई नए समाधान देखने को मिलेंगे।