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नरसिंहपुर में NH-45 पर पहाड़ी का हिस्सा गिरा, भूस्खलन से हाईवे बंद

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। नेशनल हाईवे-45 पर पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर फैल गए। भूस्खलन की इस घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया।
घटना के बाद मौके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें सड़क किनारे बड़ी संख्या में पत्थर और पहाड़ी का मलबा दिखाई दे रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भूस्खलन के कारण सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बाधित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते गुरुवार को अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
भूस्खलन के बाद हाईवे पर मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर बड़े पत्थर गिरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित विभाग को घटना की जानकारी दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और हाईवे से जुड़े अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। सड़क से मलबा हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। मशीनों की मदद से पत्थरों और मिट्टी को हटाने का काम किया जा रहा है, ताकि यातायात को सामान्य किया जा सके।
नेशनल हाईवे-45 मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में अचानक हुए भूस्खलन से यातायात व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो जाती है और पहाड़ों से पत्थर गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं आम हो जाती हैं। सड़क निर्माण, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक बदलावों के कारण भी पहाड़ों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे क्षेत्रों में समय-समय पर भू-तकनीकी जांच और सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
घटना के बाद हाईवे विभाग ने भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीम यह जांच कर रही है कि पहाड़ी का हिस्सा अचानक क्यों गिरा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि जिस समय पहाड़ी का हिस्सा गिरा, उस समय वहां वाहन मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बारिश के मौसम में मध्य प्रदेश के कई पहाड़ी और वन क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की अपील कर रहा है।
फिलहाल हाईवे पर गिरे मलबे को हटाने का काम जारी है। अधिकारियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जा सके।
नरसिंहपुर में NH-45 पर हुई यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।





