हरदा। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने तिमरनी डेवलपमेंट ब्लॉक के विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई के स्तर, उपलब्ध सुविधाओं, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में केवल उपस्थिति बढ़ाना ही नहीं, बल्कि छात्रों की विषयों को समझने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सबसे पहले हाई स्कूल पंतलाई का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कक्षाओं, स्कूल परिसर और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से चर्चा कर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी प्रगति के बारे में जानकारी ली।
स्कूल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कुछ बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल के शौचालयों की मरम्मत कराई जाए और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पीने के पानी की व्यवस्था की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने पानी की स्वच्छता और नियमित जांच पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की नियमित उपस्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी लंबे समय तक अनुपस्थित रहते हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर कारणों की जानकारी ली जाए और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाए।
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दिए जाने वाले होमवर्क की नियमित और गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। इससे छात्रों की गलतियों को समय पर सुधारा जा सकेगा और विषयों की समझ बेहतर होगी।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को विषयों की मूल अवधारणाओं को समझाना जरूरी है। इसके लिए कक्षा में संवाद आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इसके बाद कलेक्टर ने दूधकच्छ प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कक्षाओं में प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्कूल में बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उन्होंने ‘विद्या आसन अभियान’ के तहत विद्यार्थियों को डेस्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित बैठने की सुविधा मिलना जरूरी है, क्योंकि इससे उनके सीखने के वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कलेक्टर के दौरे का उद्देश्य स्कूलों की वास्तविक स्थिति को समझना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाना था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि जिले में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर शिक्षा पर निर्भर करता है। इसलिए स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता, सुविधाओं और अनुशासन का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
तिमरनी ब्लॉक के स्कूलों के इस निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश मिले हैं। अब इन निर्देशों के आधार पर स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।