उज्जैन में शुक्रवार की नमाज को लेकर कड़ी सुरक्षा, RAF-STF और CRPF तैनात
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शुक्रवार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान हुई अशांति के पांच दिन बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शाही मस्जिद सहित शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर की मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों को भी तैनात किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी करते रहे। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुलिस का विशेष ध्यान उस स्थान पर रहा, जहां सोमवार को अशांति के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई थी। शुक्रवार की नमाज को देखते हुए इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी गई। पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण स्थानों और रास्तों पर तैनात किया गया, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी सुबह से ही बढ़ा दी गई थी। नमाज के समय मस्जिदों के आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों ने भी अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे।
सोमवार को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस दौरान पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी थी। घटना को देखते हुए शुक्रवार की नमाज प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण थी और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं।
शुक्रवार को शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों ने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। ड्रोन के जरिए ऊंचाई से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी गई, जबकि विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की निगरानी की गई।
RAF के जवानों की तैनाती विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में की गई। इसके साथ STF और CRPF के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे। स्थानीय पुलिस ने इन बलों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का मजबूत घेरा नजर आया।
नमाज से पहले पुलिस अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। सुरक्षा बलों को किसी भी अफवाह या ऐसी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए थे, जिससे शहर का माहौल प्रभावित हो सकता था।
प्रशासन की प्राथमिकता शुक्रवार की नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना और शहर में सामान्य स्थिति बनाए रखना था। इसके लिए पुलिस ने विशेष रूप से उन इलाकों की निगरानी बढ़ाई, जिन्हें संवेदनशील माना गया था। सोमवार की घटना वाले क्षेत्र में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया।
इस दौरान शहर की अलग-अलग मस्जिदों में लोग शुक्रवार की नमाज के लिए पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। नमाज समाप्त होने के बाद लोग अपने घरों की ओर लौट गए। इस दौरान किसी भी तरह की हिंसा, पत्थरबाजी या अन्य अप्रिय घटना की खबर सामने नहीं आई।
शाही मस्जिद के आसपास भी स्थिति नियंत्रण में रही। यहां पुलिस बल की मौजूदगी अन्य स्थानों की तुलना में अधिक रखी गई थी। सोमवार को हुई घटना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। यही कारण रहा कि पुलिस के साथ केंद्रीय और विशेष सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया।
पुलिस की ओर से शहर में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी लगातार जारी रखी गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी गई। पुलिसकर्मियों को भी अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए।
सोमवार की अशांति के बाद शुक्रवार का दिन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हालांकि सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती और सतर्कता के बीच स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। शुक्रवार की नमाज के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिलने से पुलिस और प्रशासन ने राहत महसूस की।
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ RAF, STF और CRPF की तैनाती ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। विशेष रूप से ड्रोन से की गई निगरानी के कारण बड़े इलाके की गतिविधियों पर एक साथ नजर रखना संभव हुआ।
फिलहाल शाही मस्जिद और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सतर्कता बनी हुई है। सोमवार को हुई पत्थरबाजी की घटना को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद शहर में सामान्य स्थिति बनी रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।