भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार रात होशंगाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में अचानक आग लगने से मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना विद्या नगर स्थित दीपशिखा अस्पताल में हुई। आग ग्राउंड फ्लोर पर बने इमरजेंसी रूम में लगी। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, आग शुक्रवार रात करीब 10:35 बजे लगी। प्रारंभिक जानकारी में आग की वजह बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। बिजली के बोर्ड से निकली चिंगारी और आग की लपटें आसपास रखे प्लाईवुड के अलमारियों और अन्य सामान तक पहुंच गईं। कुछ ही देर में कमरे में धुआं फैलने लगा, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और स्टाफ में घबराहट पैदा हो गई।
इमरजेंसी रूम में लगी आग
बताया गया कि जिस स्थान पर आग लगी, वह अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इमरजेंसी रूम था। रात के समय अस्पताल में मरीजों की आवाजाही और स्टाफ की मौजूदगी के बीच अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया।
अस्पताल के कर्मचारियों ने आग की लपटें और धुआं दिखाई देने के बाद तत्काल बचाव की कार्रवाई शुरू की। आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने का प्रयास किया गया। आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
आग बिजली के बोर्ड के पास से शुरू होने की बात सामने आई है। इसके बाद बोर्ड के आसपास रखी प्लाईवुड की अलमारियों और दूसरे सामान ने आग पकड़ ली। इससे कमरे में धुआं तेजी से फैलने लगा।
मरीजों और स्टाफ में मची अफरा-तफरी
आग लगने की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में भय का माहौल बन गया।
अस्पताल स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। आग के कारण इमरजेंसी रूम के आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया गया।
घटना के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों की सक्रियता के चलते स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आग की घटना में किसी मरीज, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा कारण
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बिजली के बोर्ड में खराबी या शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी आसपास रखे ज्वलनशील सामान के संपर्क में आई और आग फैल गई। प्लाईवुड की अलमारियां और अन्य सामग्री आग की चपेट में आने के कारण कमरे में धुआं भी फैल गया।
घटना के बाद बिजली के कनेक्शन और प्रभावित हिस्से की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शॉर्ट सर्किट किस वजह से हुआ।
आग फैलने से पहले संभाली स्थिति
अस्पताल में आग लगने की घटनाएं बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं, क्योंकि यहां मरीजों की स्थिति सामान्य लोगों से अलग होती है। कई मरीज खुद चलने-फिरने में सक्षम नहीं होते और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अस्पताल कर्मचारियों की मदद की जरूरत पड़ती है।
ऐसे में शुक्रवार रात दीपशिखा अस्पताल में लगी आग के बाद मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा अहम रही। राहत की बात रही कि आग के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग जिस स्थान पर लगी, उसे नियंत्रित करने के बाद स्थिति सामान्य की गई। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद अग्निसुरक्षा व्यवस्था और बिजली के उपकरणों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर बिजली के बोर्ड, वायरिंग, मेडिकल उपकरण और अन्य विद्युत व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण जरूरी होता है।
घटना के बाद यह भी देखा जा सकता है कि अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था किस स्थिति में थी। साथ ही बिजली के बोर्ड और वायरिंग की तकनीकी जांच से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
बड़ा हादसा टला
शुक्रवार रात हुई इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि किसी की जान नहीं गई और किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं है। यदि आग तेजी से अन्य कमरों या अस्पताल के दूसरे हिस्सों में फैलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
अस्पताल में आग लगने की घटनाओं में धुआं भी बड़ा खतरा बन सकता है। मरीजों के लिए धुएं से सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। ऐसे में आग लगने के तुरंत बाद कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई करना महत्वपूर्ण रहा।
फिलहाल घटना को लेकर प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है। आग से कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
दीपशिखा अस्पताल में शुक्रवार रात लगी आग ने एक बार फिर अस्पतालों में बिजली की वायरिंग, उपकरणों के रखरखाव और अग्निसुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और घटना में किसी के हताहत नहीं होने से मरीजों, परिजनों और अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली है।