मध्य प्रदेश

IIT इंदौर में ओपन हाउस, सतीश अग्रवाल ने छात्रों को दिए करियर टिप्स

Kavita2
22 Aug 2026 12:20 PM IST
IIT इंदौर में ओपन हाउस, सतीश अग्रवाल ने छात्रों को दिए करियर टिप्स
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इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से साल में दो बार आयोजित होने वाला ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम हाल ही में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में TotalEnergies के सीनियर एसेट मैनेजर सतीश अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों के साथ अपने औद्योगिक अनुभव साझा किए और केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम में विभाग के फैकल्टी सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। इसमें हाल ही में केमिकल प्रोसेस डिजाइन एंड इंटेलिजेंस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले एमटेक छात्रों के अलावा बीटेक और पीएचडी विद्यार्थी भी मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य नए छात्रों को विभाग के शैक्षणिक और शोध वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें केमिकल इंजीनियरिंग के तेजी से बदलते क्षेत्र की जानकारी देना था।

शोध गतिविधियों से छात्रों को कराया परिचित

ओपन हाउस के दौरान विभाग के फैकल्टी सदस्यों ने अपनी चल रही शोध गतिविधियों और विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि केमिकल इंजीनियरिंग अब पारंपरिक औद्योगिक प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नए तकनीकी और बहुविषयक क्षेत्रों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

फैकल्टी सदस्यों ने छात्रों को विभाग में उपलब्ध शोध के अवसरों, प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संसाधनों के बारे में भी जानकारी दी। विशेष रूप से नए एमटेक छात्रों के लिए यह कार्यक्रम उपयोगी रहा, क्योंकि इससे उन्हें अपने अध्ययन और शोध की दिशा को समझने में मदद मिली।

छात्रों को विभाग के रिसर्च इकोसिस्टम से परिचित कराते हुए शिक्षकों ने केमिकल इंजीनियरिंग में उभरते क्षेत्रों पर भी चर्चा की। शोध के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों को समझने और तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक समस्याओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।

उद्योग जगत से मिला व्यावहारिक अनुभव

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण सतीश अग्रवाल का कीनोट संबोधन रहा। TotalEnergies में सीनियर एसेट मैनेजर के रूप में काम कर रहे अग्रवाल ने छात्रों के साथ उद्योग जगत के अपने अनुभव साझा किए।

उन्होंने बताया कि केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए उद्योग में कई तरह के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक कौशल, समस्या समाधान की क्षमता और बदलती तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

अग्रवाल ने IIT में छात्र जीवन से लेकर पेशेवर करियर तक की यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को यह समझाने की कोशिश की कि उच्च शिक्षा के दौरान हासिल किया गया तकनीकी ज्ञान किस तरह उद्योग की वास्तविक चुनौतियों को हल करने में उपयोगी साबित हो सकता है।

छात्रों को करियर योजना पर मार्गदर्शन

मुख्य वक्ता ने छात्रों को केमिकल इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने अकादमिक क्षेत्र और इंडस्ट्री दोनों में उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की।

छात्रों को बताया गया कि करियर की शुरुआत में केवल नौकरी हासिल करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और विशेषज्ञता को लगातार विकसित करना भी जरूरी है। उद्योग में काम करने के लिए तकनीकी समझ के साथ संचार कौशल, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसी क्षमताएं भी महत्वपूर्ण हैं।

अग्रवाल ने अपने अनुभवों के माध्यम से छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया कि संस्थान में बिताए गए समय का उपयोग केवल पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी रुचि के क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए।

नए एमटेक छात्रों के लिए विशेष अवसर

ओपन हाउस में हाल ही में केमिकल प्रोसेस डिजाइन एंड इंटेलिजेंस प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले एमटेक छात्रों की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। नए छात्रों को विभाग की शैक्षणिक संस्कृति और शोध के विभिन्न क्षेत्रों को समझने का अवसर मिला।

फैकल्टी सदस्यों के साथ संवाद के जरिए छात्रों को यह जानकारी मिली कि वे अपने रुचि के अनुसार किन शोध क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। बीटेक और पीएचडी छात्रों की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम को अधिक संवादात्मक बनाया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को वरिष्ठ शोधार्थियों और शिक्षकों से बातचीत करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें विभाग में उपलब्ध अकादमिक और शोध अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।

उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच जुड़ाव पर जोर

कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग के बीच मजबूत संबंध की जरूरत को भी रेखांकित किया। केमिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र में तकनीकी शोध और औद्योगिक जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण माना जाता है।

उद्योग विशेषज्ञ के रूप में अग्रवाल की मौजूदगी ने छात्रों को यह समझने का अवसर दिया कि अकादमिक क्षेत्र में विकसित तकनीक और शोध किस तरह औद्योगिक प्रक्रियाओं में उपयोग किए जा सकते हैं। वहीं उद्योग की वास्तविक चुनौतियां अकादमिक शोध के लिए नए विषय भी उपलब्ध करा सकती हैं।

उभरते क्षेत्रों पर ध्यान

फैकल्टी सदस्यों ने छात्रों को केमिकल इंजीनियरिंग के उभरते क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी दी। तकनीकी बदलाव और उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच इस क्षेत्र में नई विशेषज्ञताओं की मांग बढ़ रही है।

कार्यक्रम में छात्रों को शोध के साथ-साथ उद्योग की अपेक्षाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

संवाद और सीखने का मंच बना ओपन हाउस

IIT इंदौर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग का यह ओपन हाउस छात्रों और फैकल्टी के बीच संवाद का प्रभावी मंच बना। एक ओर जहां शिक्षकों ने अपनी शोध गतिविधियों की जानकारी साझा की, वहीं उद्योग विशेषज्ञ ने व्यावसायिक दुनिया की चुनौतियों और अवसरों से छात्रों को परिचित कराया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को विभाग के शैक्षणिक माहौल से जोड़ने के साथ उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना रहा। विशेष रूप से नए एमटेक छात्रों के लिए यह आयोजन उनके अकादमिक सफर की शुरुआत में मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

ओपन हाउस के माध्यम से विभाग ने शोध, शिक्षा और उद्योग के बीच संबंध को मजबूत करने तथा छात्रों को केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बेहतर करियर के लिए तैयार करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया।

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