सर्द और गर्म मौसम बिगाड़ रहा लोगों की सेहत: मुंह, नाक के रास्ते गले-पेट तक पहुंच रहे बैक्टीरिया
Raisen। बदलते मौसम और सर्द गर्म हवाएं चलने से एक बार फिर मौसमी बीमारियां लोगों को जकड़ रही हैं।इसीलिए नाक गले में इंफेक्शन फैल रहा है।जिला अस्पताल की ओपीडी रोजाना 900 मरीजों के पार पहुंच रही हैं।
सलाह: कोरोना की तरह बचाव करना जरूरी
जिला अस्पताल के डॉ.यशपाल सिंह बाल्यान का कहना है, रात में सर्दी और दिन में गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने से बीमारी बढ़ रही है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। कोरोना की तरह यह संक्रमण जनित बीमारी है। जो एक व्यक्ति से दूसरे में फैल रही है। बचाव की जरूरत है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचना चाहिए। ऐसी जगह जाने के दौरान मास्क का उपयोग करें। बाहर से घूमकर घर आने पर साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोए।
वर्तमान में चल रहे मौसम परिवर्तन की वजह से सर्दी, जुकाम और बुखार व गले में इंफेक्शन के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी के साथ वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी 700 से बढ़कर 900 मरीज तक प्रतिदिन पहुंच गई है। जबकि भर्ती मरीजों की औसत संख्या 90 से 120 तक बनी हुई है।डॉ.अनिल ओढ़, सिविल सर्जन रायसेन
मौसम के उतार चढ़ाव का पड़ रहा असर..…
एक सप्ताह से सर्द-गर्म हो रहे मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिले में वायरस व बैक्टीरिया सक्रिय होने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी 900 के पार पहुंच गई है। ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में इंफेक्शन के आ रहे हैं।
इलाज के लिए आने वाले 40 प्रतिशत मरीज वायरल इंफेक्शन से पीड़ित हैं। संख्या ज्यादा होने से रोजाना ओपीडी के साथ डॉक्टर रूम ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लग रही है। वहीं, इंफेक्शन से पीड़ित मरीज को ठीक होने में तीन-चार दिन का समय लग रहा है। जिला अस्पताल के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी मरीज बढ़ रहे हैं।नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ राघवेश त्रिपाठी बताते हैं कि गले के साथ पेट में भी इंफेक्शन बढ़ रहा है। मुंह और नाक गले का इंफेक्शन भी बढ़ रहा है।