सीहोर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशीबाई चौहान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव का सीहोर जिले के बुदनी क्षेत्र में पहुंचकर दिवंगत काशीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने और शोकाकुल परिवार से मुलाकात करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि मां का निधन किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी और अपूरणीय क्षतियों में से एक है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 76 वर्ष की थीं और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, उन्हें सांस लेने में परेशानी होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चलने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी सामने आते ही परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूज्य माताजी काशीबाई के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने का संबल प्रदान करें।
सीहोर जिले के जैत गांव में अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
काशीबाई चौहान का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर तीन बजे सीहोर जिले के पैतृक गांव जैत में निर्धारित किया गया। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर भोपाल के साकेत नगर स्थित शिवराज सिंह चौहान के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के लिए अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई थी।इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए जैत ले जाने का कार्यक्रम था। नर्मदा नदी के किनारे स्थित जैत गांव शिवराज सिंह चौहान का पैतृक निवास स्थान है। केंद्रीय मंत्री का इस गांव से गहरा पारिवारिक संबंध रहा है। इसी कारण परिवार ने काशीबाई का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने का निर्णय लिया।
मां के निधन से भावुक हुए शिवराज सिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान ने अपनी मां के निधन पर सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके पूरे परिवार के लिए यह अत्यंत दुख और पीड़ा का समय है। मां का जाना जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ देता है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।उन्होंने अपनी मां के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां आज पूरे परिवार को भावुक कर रही हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। केंद्रीय मंत्री का यह संदेश सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने जताया शोक
काशीबाई चौहान के निधन पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक जगत में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मां का निधन किसी भी व्यक्ति के जीवन की अपूरणीय क्षति होती है। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। कांग्रेस नेताओं ने भी राजनीतिक मतभेदों से अलग परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शिवराज सिंह चौहान का पैतृक गांव से गहरा जुड़ाव
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सीहोर जिले के जैत गांव से गहरा भावनात्मक संबंध रहा है। उनका बचपन इसी क्षेत्र में बीता और उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में भी पैतृक गांव से जुड़ाव बनाए रखा है।काशीबाई चौहान ने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए शिवराज सिंह चौहान के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जैविक माता सुंदरबाई का निधन बचपन में ही हो गया था। इसके बाद काशीबाई ने परिवार में मातृस्नेह और संरक्षण दिया।
प्रदेश में शोक का माहौल
शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके परिवार में हुई इस क्षति पर विभिन्न क्षेत्रों से संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश के माध्यम से स्पष्ट किया कि दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के साथ हैं। दिवंगत काशीबाई चौहान के प्रति श्रद्धांजलि और परिवार को संबल देने की प्रार्थना के साथ अनेक नेताओं ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।संपादकीय नोट: मुख्यमंत्री मोहन यादव के सीहोर जाने का कार्यक्रम और उनका शोक संदेश पुष्टि किए गए हैं। उनके व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर श्रद्धांजलि देने की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं हुई है। इसलिए इसे पूर्ण हो चुकी यात्रा के रूप में निश्चित नहीं बताया गया है।
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