भोपाल : 30 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवाली से पहले प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इसके साथ ही पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इस फैसले की जानकारी दी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से लागू होगा, जबकि पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा करते हुए बताया कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से देय होगी। इसके तहत कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर 2026 तक के नौ महीनों का बकाया एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में करने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों को एक साथ पूरी राशि मिलने के बजाय निर्धारित किस्तों में भुगतान प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर महीने के वेतन से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान शुरू हो जाएगा। अक्टूबर का वेतन नवंबर में मिलने के कारण कर्मचारियों को अगले महीने से बढ़ी हुई राशि का लाभ मिलने लगेगा। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल है। त्योहारों के समय आर्थिक राहत मिलने से कर्मचारियों के घरेलू बजट को सहारा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी मूल वेतन के आधार पर निर्धारित होगी। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह है, तो दो प्रतिशत की वृद्धि के कारण उसके महंगाई भत्ते में लगभग 600 रुपये मासिक बढ़ोतरी होगी। इसी प्रकार 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को हर महीने करीब एक हजार रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। वास्तविक वेतन में परिवर्तन संबंधित कर्मचारी के वेतनमान और लागू कटौतियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को कुछ हद तक कम करना है। केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर महंगाई भत्ते की दरों की समीक्षा करती हैं। इस बार मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को राहत देते हुए दो प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है।
सरकार ने केवल कार्यरत कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस फैसले में शामिल किया है। प्रदेश के पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में भी दो प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू होगी। इससे नियमित पेंशन प्राप्त करने वाले पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। हालांकि, पेंशनभोगियों के बकाया भुगतान की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके कल्याण और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर लगातार ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को त्योहार से पहले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, प्रशासन, कृषि और अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को इस निर्णय से लाभ मिलेगा। इसके अलावा राज्य के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी भी बढ़ी हुई महंगाई राहत का फायदा उठा सकेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले से लगभग 7.50 लाख कर्मचारी और 4.50 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित हो सकते हैं। हालांकि, लाभार्थियों की अंतिम संख्या सरकारी आंकड़ों के आधार पर तय होगी।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब सरकारी कर्मचारी लंबे समय से डीए की दरों में सुधार की उम्मीद कर रहे थे। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अंतर को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल में महंगाई भत्ते की दर बढ़ाकर 63 प्रतिशत किए जाने के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत हो जाएगा। इस प्रकार दोनों के बीच तीन प्रतिशत अंकों का अंतर बना रहेगा।
कर्मचारियों के लिए नौ महीने का एरियर भी इस घोषणा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनवरी से सितंबर तक की बकाया राशि तीन बराबर मासिक किस्तों में दिए जाने से कर्मचारियों को अतिरिक्त धनराशि प्राप्त होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी के महंगाई भत्ते में प्रतिमाह 800 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो नौ महीनों का अनुमानित एरियर 7,200 रुपये होगा। यह राशि तीन किस्तों में 2,400 रुपये प्रति किस्त के रूप में मिल सकती है। वास्तविक भुगतान संबंधित वेतन और सेवा अवधि पर निर्भर करेगा।
आर्थिक दृष्टि से महंगाई भत्ते में वृद्धि कर्मचारियों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। त्योहारों के दौरान अतिरिक्त राशि मिलने से घरेलू खर्च, खरीदारी और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस फैसले से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी पड़ेगा। इस भार का सटीक आकलन सरकारी वित्त विभाग के आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद अब कर्मचारियों की नजर संबंधित विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले आदेशों और भुगतान की प्रक्रिया पर रहेगी। वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार बढ़ी हुई राशि वेतन और पेंशन में शामिल की जाएगी।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत मिली है। दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ने और नौ महीने का एरियर मिलने से कर्मचारियों की आय में वृद्धि होगी। वहीं पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत बढ़ाने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।