शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बदमाशों ने पुलिस और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लूट की कोशिश की। शहर के व्यस्त एमएम चौराहे पर स्थित बैंक को 13 दिनों के भीतर दूसरी बार निशाना बनाया गया। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की शाम दो नकाबपोश बदमाश पिस्टल लेकर बैंक के अंदर घुस गए और कर्मचारियों को हथियार दिखाकर नकदी सौंपने की मांग करने लगे। इस दौरान उनका तीसरा साथी बैंक के बाहर मोटरसाइकिल स्टार्ट करके खड़ा था। हालांकि, बैंक कर्मचारियों की सूझबूझ और तिजोरी की चाबी उपलब्ध नहीं होने के कारण बदमाश अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके। कर्मचारियों ने बताया कि बैंक का समय समाप्त हो चुका है और मैनेजर तिजोरी की चाबी लेकर जा चुके हैं। यह सुनकर बदमाश कुछ देर बैंक के अंदर घूमते रहे और फिर बिना नकदी लिए फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
पिस्टल दिखाकर कर्मचारियों से मांगा कैश
जानकारी के अनुसार, यह घटना शिवपुरी शहर के एमएम चौराहे पर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई। गुरुवार शाम करीब सात से साढ़े सात बजे के बीच बैंक कर्मचारी दिनभर का काम निपटा रहे थे।इसी दौरान दो नकाबपोश युवक अचानक बैंक में दाखिल हुए। दोनों के हाथों में पिस्टल जैसे हथियार थे। आरोपियों ने अंदर पहुंचते ही कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया।बदमाशों ने कैश काउंटर की ओर इशारा करते हुए कर्मचारियों से बैंक में रखी नकदी देने को कहा। हथियारबंद बदमाशों को देखकर कर्मचारी घबरा गए, लेकिन उन्होंने समझदारी से स्थिति संभाली।कर्मचारियों ने बदमाशों को बताया कि बैंक का समय खत्म हो चुका है। दिनभर का कैश सुरक्षित तिजोरी में रख दिया गया है और बैंक मैनेजर तिजोरी की चाबी लेकर जा चुके हैं।यह सुनकर दोनों बदमाश असमंजस में पड़ गए। उन्हें उम्मीद थी कि बैंक में नकदी आसानी से मिल जाएगी, लेकिन कर्मचारियों की बात सुनने के बाद उनकी योजना विफल हो गई।
पांच मिनट बैंक में घूमते रहे आरोपी
बताया जा रहा है कि बैंक में घुसे दोनों बदमाश कुछ देर तक कर्मचारियों को धमकाते रहे। उन्होंने नकदी मिलने की उम्मीद में बैंक के अंदर इधर-उधर देखा।हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कैश लॉकर बंद है और उसे खोलने के लिए चाबी उपलब्ध नहीं है।इसके बाद बदमाशों ने बैंक के अंदर ज्यादा देर रुकना उचित नहीं समझा। करीब तीन से पांच मिनट के भीतर दोनों बैंक से बाहर निकल गए।बाहर उनका तीसरा साथी पहले से ही मोटरसाइकिल स्टार्ट करके इंतजार कर रहा था। दोनों बदमाश बाइक पर बैठे और तीनों मौके से फरार हो गए।घटना के दौरान किसी कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। बैंक से नकदी लूटे जाने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
13 दिन पहले भी बैंक में हुई थी लूट की कोशिश
हैरान करने वाली बात यह है कि इसी बैंक को 13 दिन पहले भी बदमाशों ने निशाना बनाया था।16 अक्टूबर की रात तीन संदिग्ध युवकों ने बैंक का शटर खोलकर अंदर घुसने की कोशिश की थी।आरोपियों ने लोहे के सरिए और जैक की सहायता से बैंक का शटर उठाने का प्रयास किया था। अगले दिन सुबह जब बैंक कर्मचारी पहुंचे तो शटर आधा खुला हुआ मिला।हालांकि, बैंक के अंदर लगे दूसरे ताले सुरक्षित थे, जिससे बदमाश अंदर प्रवेश नहीं कर सके।इस कारण उस समय भी कोई चोरी नहीं हुई थी। घटना बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी।अब 13 दिन के भीतर दोबारा लूट की कोशिश सामने आने से बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह शामिल है या अलग-अलग बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
गुरुवार शाम हुई लूट की कोशिश बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।फुटेज में नकाबपोश बदमाशों को बैंक के अंदर प्रवेश करते और कर्मचारियों को धमकाते हुए देखा जा सकता है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। इसके साथ ही 16 अक्टूबर की घटना के वीडियो की भी जांच की जा रही है।दोनों घटनाओं के फुटेज की तुलना करके बदमाशों के हुलिए, गतिविधियों और अन्य पहचान संबंधी सुराग जुटाए जा रहे हैं।पुलिस आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच सकती है, जिससे आरोपियों के आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके।
सूचना मिलते ही पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
बैंक में हथियारबंद बदमाशों के घुसने की सूचना मिलते ही शिवपुरी पुलिस सक्रिय हो गई।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरडी प्रजापति, एसडीओपी सचिन धुर्वे और कोतवाली थाना प्रभारी पुनीत कुमार बाजपेई पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।अधिकारियों ने बैंक परिसर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से पूरी घटना की जानकारी ली।बैंक मैनेजर प्रशांत खरे से भी वारदात के संबंध में पूछताछ की गई।पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।बैंक मैनेजर की शिकायत पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
व्यस्त इलाके में वारदात से सुरक्षा पर सवाल
एमएम चौराहा शिवपुरी शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।ऐसे स्थान पर बदमाशों का हथियार लेकर बैंक में प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही बैंक में बार-बार लूट की कोशिश होना गंभीर मामला है।पहली घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे। अब दूसरी घटना के बाद बैंक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है।विशेष रूप से बैंक बंद होने के समय कर्मचारियों की सुरक्षा और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर नियंत्रण महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने बढ़ाई बदमाशों की तलाश
कोतवाली थाना प्रभारी पुनीत कुमार बाजपेई के अनुसार, बैंक में घुसकर बदमाशों ने कर्मचारियों को धमकाया और लूट का प्रयास किया।पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की सहायता से उनकी पहचान करने का प्रयास जारी है।पुलिस अधिकारियों ने शहर में रात्रि गश्त बढ़ाने की बात भी कही है।फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह पता लगाना है कि दोनों घटनाओं के पीछे कौन लोग शामिल हैं और क्या बदमाशों ने पहले से बैंक की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी।
कर्मचारियों की सूझबूझ से टली बड़ी वारदात
बैंक कर्मचारियों ने बदमाशों को बताया कि तिजोरी बंद है और मैनेजर चाबी लेकर जा चुके हैं। इस जानकारी के बाद आरोपी नकदी हासिल नहीं कर सके।हालांकि, हथियारबंद अपराधियों के सामने ऐसी परिस्थितियां बेहद जोखिमपूर्ण होती हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है।इस घटना में नकदी लूटे जाने और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।अब पुलिस दोनों वारदातों की कड़ियां जोड़कर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।एक ही बैंक में महज 13 दिन के भीतर दो बार लूट की कोशिश ने स्थानीय सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है।
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