छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा जिले से पूरे प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ का शुभारंभ किया। छह महीने तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा शासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचे तथा लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान प्रशासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से सरकार यह जानने का प्रयास करेगी कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ किस स्तर तक मिल रहा है। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद कमियों को चिन्हित कर उनमें सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका समाधान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें।
जनता से सीधे संवाद पर जोर
‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के तहत प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारी गांवों और शहरों में पहुंचकर नागरिकों से संवाद करेंगे। लोगों से सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। इसके आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। जब अधिकारी सीधे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तो योजनाओं के वास्तविक प्रभाव की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि नागरिकों की अपेक्षाओं को समझकर व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
छह महीने तक चलेगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अगले छह महीने तक प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे। नागरिकों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों के आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, नगरीय सेवाएं और ग्रामीण विकास सहित कई प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी जनसेवाओं की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में न लें, बल्कि इसे जनसेवा का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे आम नागरिकों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करें।
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों से मिलने वाला फीडबैक सरकार के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का काम करेगा। इससे यह पता चलेगा कि कौन-सी योजनाएं बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
प्रशासन में बढ़ेगा विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-विश्वास अभियान से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता का प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को यह महसूस हो कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्था सक्रिय रूप से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीक के उपयोग, जनसुनवाई व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को आसान बनाया जा रहा है। जन-विश्वास अभियान इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है।
छिंदवाड़ा से प्रदेश को संदेश
अभियान के शुभारंभ के लिए छिंदवाड़ा जिले का चयन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के नागरिकों तक यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार हर क्षेत्र और हर वर्ग तक पहुंच बनाना चाहती है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नागरिकों से संवाद किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
स्थानीय स्तर पर लोगों ने भी प्रशासन के इस प्रयास को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। नागरिकों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर होता है और अधिकारी नियमित रूप से जनता के बीच आते हैं, तो इससे शासन व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ को प्रदेश में जनभागीदारी और सुशासन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। आने वाले छह महीनों में अभियान के माध्यम से प्राप्त फीडबैक और सुधारात्मक कदम यह तय करेंगे कि सरकारी सेवाएं कितनी अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बन पाती हैं।