राजगढ़/भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजगढ़ जिले में एक सहायक समिति प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस भोपाल संभाग की टीम ने सोमवार 27 जुलाई 2026 को सादलपुर के सहायक समिति प्रबंधक राधेश्याम दांगी को 12,600 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उसने बैंक खातों से होल्ड हटाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
मामला राजगढ़ जिले के जीरापुर क्षेत्र के रूपहेड़ा गांव का है। गांव निवासी श्याम सुंदर सिंह और उनके दो भाइयों प्रहलाद सिंह व राजेंद्र सिंह के बैंक खातों पर अचानक होल्ड लग गया था। खातों पर रोक लगने के बाद तीनों भाई काफी परेशान हो गए और समस्या का समाधान कराने के लिए सादलपुर स्थित सहायक समिति प्रबंधक राधेश्याम दांगी के पास पहुंचे।
आरोप है कि राधेश्याम दांगी ने खातों से होल्ड हटाने के लिए मदद करने के बजाय रिश्वत की मांग कर दी। उसने प्रत्येक खाते से 4,200 रुपये देने को कहा। तीनों भाइयों के खातों के हिसाब से कुल रिश्वत की रकम 12,600 रुपये तय की गई। पीड़ितों ने इस मांग का विरोध किया और रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से करने का फैसला लिया।
इसके बाद श्याम सुंदर सिंह भोपाल पहुंचे और लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
लोकायुक्त पुलिस ने महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में विशेष टीम तैयार की। टीम ने पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम देने की तैयारी की, ताकि आरोपी को भनक तक न लगे।
27 जुलाई 2026 को लोकायुक्त टीम ने जीरापुर में माचलपुर रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास बने राधेश्याम दांगी के निजी कार्यालय पर जाल बिछाया। योजना के अनुसार शिकायतकर्ता श्याम सुंदर सिंह रिश्वत की रकम 12,600 रुपये लेकर आरोपी के कार्यालय पहुंचे।
राधेश्याम दांगी को लगा कि शिकायतकर्ता उसकी मांग पूरी करने के लिए पैसे देने आया है। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। रिश्वत लेते पकड़े गए सहायक समिति प्रबंधक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त को दें।
राजगढ़ की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर निगरानी रखी जा रही है। बैंक खातों से होल्ड हटाने जैसे काम के लिए रिश्वत मांगना राधेश्याम दांगी को भारी पड़ गया और वह लोकायुक्त के बिछाए जाल में फंस गया। शिकायतकर्ता की सतर्कता और लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है।