Bhopal: जयभान सिंह पवैया बने 6वें वित्त आयोग के अध्यक्ष
"ग्वालियर में हुआ भव्य स्वागत और जश्न"
भोपाल: महाराष्ट्र के सह-प्रभारी और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को राज्य के 6वें वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह घोषणा होने के बाद शुक्रवार काे ग्वालियर स्थित उनके निवास पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जाहिर की और मिठाइयां बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी। साथ ही उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए लोगों की लगातार भीड़ उमड़ती रही।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल का जताया आभार
राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जयभान सिंह पवैया ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें कल शाम इस नियुक्ति की जानकारी मिली, तो उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो नवरात्रि के पहले दिन संध्या के समय जगदंबा मां ने उन्हें यह दायित्व सौंपा हो। पवैया ने कहा कि वे मध्य प्रदेश की जनता की सेवा के इस अवसर को मां भगवती के चरणों में समर्पित करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। पवैया ने कहा कि इन नेताओं ने उनकी क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए उन्हें वित्त आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
पारदर्शिता और न्यायपूर्ण वित्त वितरण पर रहेगा फोकस
जयभान सिंह पवैया ने केंद्र से लेकर मध्य प्रदेश तक संगठन के सभी पदाधिकारियों और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक संस्था जरूर है, लेकिन वे अपनी ‘मां’ समान संगठन को नहीं भूल सकते, जिसकी वजह से उन्हें सेवा का यह अवसर मिला है। उन्होंने संगठन के प्रति भी कृतज्ञता जताई।
पवैया ने माना कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और कार्यभार संभालने के बाद ही वे इस पर विस्तार से बात कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की जमीनी स्थिति को समझने के लिए व्यापक अध्ययन और प्रदेशभर का दौरा जरूरी होगा। उनके अनुसार, वित्त आयोग की भूमिका गांव से लेकर महानगरों तक विभिन्न निकायों के बीच संसाधनों का न्यायसंगत और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने की सलाह देना है, जिसके लिए गहन अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने वित्त के सदुपयोग पर जोर देते हुए कहा कि पहले ही दिन उन्होंने प्रभु रामलला से प्रार्थना की है कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे निष्कलंक तरीके से निभा सकें और भगवान उन्हें इसके लिए आवश्यक शक्ति प्रदान करें।