इंदौर। पुलिस ने नाना पटवारी से जुड़े बताए जा रहे ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एक और संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान भंवरकुआं निवासी मुकेश चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मुकेश चौधरी पहले गिरफ्तार किए जा चुके बुकी मनीष पमनानी और धर्मेंद्र उर्फ धम्मू भट के संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया है कि मनीष पमनानी और धर्मेंद्र उर्फ धम्मू भट का संपर्क रोहित दुबई नामक बुकी से था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में मुकेश की भूमिका और उसके संपर्कों की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आए नामों और उनके बीच संपर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के संचालन में कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे और इनके बीच किस तरह का संपर्क बना हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, मुकेश चौधरी भंवरकुआं क्षेत्र का रहने वाला है। पूछताछ में उसके पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच किस तरह का लेन-देन या समन्वय होता था और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क में मुकेश की वास्तविक भूमिका क्या थी। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।
इस मामले में पुलिस पहले मनीष पमनानी और धर्मेंद्र उर्फ धम्मू भट को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में दोनों के संपर्क रोहित दुबई नाम के बुकी से होने की बात सामने आई थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने उन लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की, जो इन आरोपियों के सीधे संपर्क में थे। इसी क्रम में मुकेश चौधरी का नाम सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।
पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क की पूरी श्रृंखला तैयार कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों का संपर्क बड़े बुकी नेटवर्क से किस तरह जुड़ा हुआ था। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए किस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म या तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था और इसमें पैसों का लेन-देन किस तरीके से होता था।
ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामलों में पुलिस के लिए डिजिटल कड़ियां महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होती हैं। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट, बैंकिंग लेन-देन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों के बीच संपर्क और गतिविधियों की जानकारी हासिल की जा सकती है। ऐसे में मुकेश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर सकती है। इससे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
जांच अधिकारियों के सामने अब यह सवाल भी है कि नाना पटवारी से जुड़े बताए जा रहे इस नेटवर्क का वास्तविक विस्तार कितना है। पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों और पूछताछ से सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा सकती है। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से उन लोगों पर है, जो बुकी के रूप में काम करने वालों के संपर्क में रहकर सट्टेबाजी की गतिविधियों में सहयोग कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक सामने आए आरोपियों के बीच संपर्क को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मनीष पमनानी और धर्मेंद्र उर्फ धम्मू भट के बाद मुकेश चौधरी की गिरफ्तारी को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के बीच केवल संपर्क था या वे सट्टेबाजी के संचालन में किसी विशेष जिम्मेदारी के साथ जुड़े हुए थे।
रोहित दुबई नाम के बुकी का उल्लेख सामने आने के बाद मामले की जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय संदिग्धों और रोहित दुबई के बीच संपर्क का स्वरूप क्या था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नेटवर्क में पैसों का प्रवाह किन माध्यमों से होता था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए जांच को केवल एक या दो आरोपियों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की परतें खोलने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस मुकेश चौधरी से पूछताछ कर उसके संपर्कों और कथित सट्टेबाजी नेटवर्क में उसकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की नजर अब उन संभावित आरोपियों पर भी है, जिनके तार पहले गिरफ्तार किए गए बुकी और रोहित दुबई से जुड़े हो सकते हैं।