बेंगलुरु: SNN राज एटरनिया ने शुक्रवार को बेंगलुरु के HSR लेआउट में अपने अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में 49 घरों को गिराने और फिर से बनाने का काम शुरू किया। यह कदम प्रोजेक्ट की जियो-टेक्निकल जांच के लिए बुलाई गई एक बाहरी एजेंसी की रिपोर्ट में मिट्टी की जांच (soil testing) में गड़बड़ी का पता चलने के बाद उठाया गया। इस प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में कुल 972 घर हैं, जिनमें से 49 घर प्रभावित हुए हैं।

SNN राज कॉर्पोरेशन ने एक बयान में कहा कि बाद में की गई नई मिट्टी की जांच से पता चला कि बाहरी एजेंसी की रिपोर्ट में एक अहम बोरहोल रीडिंग आपस में बदल गई थी, जिसके कारण उस जगह पर मिट्टी की स्थिति का गलत आकलन हुआ।

बयान में कहा गया, "हालांकि इमारतों को पहले ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिल चुका था और ढांचे में कोई कमजोरी या खराबी नहीं दिख रही थी, फिर भी SNN राज एटरनिया ने प्रभावित घरों को हैंडओवर न करने का फैसला किया। कंपनी ने कमर्शियल फायदों के बजाय ढांचे की लंबे समय तक मजबूती को प्राथमिकता दी।"

बयान के अनुसार, प्रभावित घरों को गिराने का फैसला संबंधित रेगुलेटरी अथॉरिटीज को स्वेच्छा से बताया गया और गिराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जरूरी मंज़ूरी भी ले ली गई।

SNN राज एटरनिया ने एडिफिस इंजीनियरिंग को यह काम सौंपा है। इस कंपनी को घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में तकनीकी रूप से मुश्किल डिमोलिशन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का काफी अनुभव है। उन्हें आसपास के लोगों को परेशान किए बिना सटीकता के साथ डिमोलिशन करने का काम दिया गया है।

एडिफिस इंजीनियरिंग के पार्टनर जिगर छेड़ा ने बयान में कहा, "यह इंजीनियरिंग का एक बहुत सोच-समझकर किया गया काम है, जिसमें स्ट्रक्चर्ड डिमोलिशन के हर चरण को एडवांस्ड डिमोलिशन टेक्नोलॉजी और सटीक डायमंड-कटिंग तरीकों का इस्तेमाल करके नियंत्रित तरीके से पूरा किया जाता है।"

SNN राज एटरनिया ने कहा, "अभी चल रहा डिमोलिशन और उसके बाद होने वाला पुनर्निर्माण सिर्फ प्रभावित अपार्टमेंट ब्लॉक तक ही सीमित है और इससे प्रोजेक्ट के बाकी हिस्सों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"

Tags: