कर्नाटक : चिक्कापाडासलागी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें 48 वर्षीय महिला की जान चली गई। महिला की साड़ी आटा मिल की मशीन में फंस गई, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान चिक्कापाडासलागी गांव की रहने वाली रेणुका सिद्दप्पा कुरलाची के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आटा मिल में काम करते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, रेणुका गांव की ही एक आटा मिल में काम कर रही थीं। काम के दौरान अचानक उनकी साड़ी मशीन के लोहे के शाफ्ट में फंस गई।
मशीन की तेज गति के कारण वह इसकी चपेट में आ गईं और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मशीन को बंद किया और महिला को बाहर निकालने की कोशिश की।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
अचानक हुए हादसे से गांव में मातम
रेणुका की मौत की खबर मिलते ही चिक्कापाडासलागी गांव में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह नियमित रूप से आटा मिल में काम करती थीं और मेहनती महिला थीं।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह हादसा अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मशीन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। इसके अलावा हादसे के समय वहां कौन-कौन मौजूद था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
काम के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल
इस हादसे ने छोटे उद्योगों और मशीनों के साथ काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मशीनों के आसपास काम करते समय सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। खासकर महिलाओं को ढीले कपड़े या साड़ी पहनकर मशीनों के पास काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मशीनों में कपड़े फंसने जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिनमें कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रेणुका सिद्दप्पा कुरलाची की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद हादसे के सही कारणों का पता लगाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे स्तर के उद्योगों और कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कितने प्रभावी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।