कर्नाटक : सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शैक्षणिक सत्र शुरू होने के तीन महीने बाद भी बच्चों को जूते और मोजे नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को गरीब बच्चों की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए और जल्द से जल्द जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

तीन महीने बाद भी नहीं मिले जूते-मोजे

आर अशोक ने आरोप लगाया कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक जूते और मोजे वितरित नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे पढ़ते हैं, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं उनके लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं।

विपक्ष नेता ने दावा किया कि कई जगहों पर बच्चे बिना जूते-मोजे के स्कूल जाने को मजबूर हैं।

रागी दलिया वितरण पर भी उठाए सवाल

आर अशोक ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर चीनी की कीमत बढ़ने का बहाना बनाकर बच्चों को रागी का दलिया नहीं दिया जा रहा है।

उनका कहना है कि सरकार को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

CM शिवकुमार पर व्यक्तिगत हमला

विपक्ष नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री महंगे ब्रांड की शॉल पहनते हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चों की समस्याएं नजरअंदाज कर रहे हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री को यह देखना चाहिए कि गरीब परिवारों के बच्चे किन परिस्थितियों में स्कूल जा रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं तो सरकार को उनकी मदद के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

लुई वितों शॉल को लेकर विवाद

आर अशोक के बयान में लुई वितों (Louis Vuitton) ब्रांड की शॉल का जिक्र भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि एक ओर महंगी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों के बच्चों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री या कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सरकार की योजनाओं पर विपक्ष के सवाल

कर्नाटक सरकार शिक्षा क्षेत्र में कई योजनाएं चलाने का दावा करती रही है। सरकार की ओर से छात्रों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजनाएं लागू की गई हैं।

लेकिन विपक्ष लगातार स्कूलों में सुविधाओं की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाता रहा है।

आर अशोक का कहना है कि केवल घोषणाएं करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर बच्चों को सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी बहस

इस मुद्दे के सामने आने के बाद कर्नाटक में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर बहस शुरू हो गई है।

विपक्ष का कहना है कि सरकार को बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि सत्तापक्ष लगातार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का हवाला देता रहा है।

जल्द कार्रवाई की मांग

आर अशोक ने सरकार से मांग की है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को जल्द से जल्द जूते और मोजे उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या जवाब देती है और बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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