Karnataka कर्नाटक: तुमकुरु शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ने पिछड़े वर्ग (BCM) हॉस्टल में आत्महत्या कर ली। इस घटना से कॉलेज परिसर और छात्र समुदाय में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
मृतक छात्र की पहचान दावणगेरे जिले के डोन्नेहल्ली गांव निवासी जी. ई. वेंकटेश (25) के रूप में हुई है। वह तुमकुरु शहर के प्रसिद्ध SIT कॉलेज में इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष का छात्र था और अपनी पढ़ाई के लिए शहर के उपराहल्ली स्थित BCM हॉस्टल में रह रहा था।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब सोमवार सुबह उसके क्लासमेट्स उससे मिलने उसके कमरे में पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिलने के बाद जब छात्र अंदर गए तो उन्होंने वेंकटेश को कमरे में फंदे से लटका पाया। इसके बाद तुरंत हॉस्टल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के पीछे की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि, जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसे मृतक ने अपने माता-पिता और परिवार के नाम लिखा था। इस नोट में उसने भावनात्मक बातें लिखी हैं, लेकिन पुलिस अभी इसकी विस्तृत जांच कर रही है।
हॉस्टल प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। साथ ही, उन्होंने कहा है कि छात्र के व्यवहार या किसी तनाव के बारे में पहले से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला था। प्रशासन ने मामले की पूरी जांच में पुलिस को सहयोग देने की बात कही है।
इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच चिंता का माहौल है। कई छात्रों ने कहा कि वेंकटेश शांत स्वभाव का छात्र था और पढ़ाई में सामान्य रूप से सक्रिय रहता था। अचानक हुई इस घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट और छात्र के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या के पीछे कोई व्यक्तिगत, शैक्षणिक या अन्य कारण तो नहीं थे।
स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने भी घटना पर चिंता जताई है और हॉस्टल में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है और कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर छात्रों में मानसिक तनाव और उसके प्रभावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।