मंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और राज्य मंत्रिमंडल के कई अन्य मंत्री शुक्रवार को तटीय जिले मंगलुरु पहुंचे। मुख्यमंत्री यहां राज्य की पहली विशेष मंत्री-स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। बैठक को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से तैयारियां की गई हैं।
मंगलुरु पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार सुबह कादरी के मंजूनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की प्रगति और लोगों के कल्याण की कामना की।
मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री उस ऐतिहासिक स्थान पर भी पहुंचे, जहां महात्मा गांधी अपने मंगलुरु दौरे के दौरान ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने शहर के ऐतिहासिक महत्व और गांधी जी से जुड़े स्थलों की जानकारी ली।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंगलुरु के गांधी स्क्वायर कैफे में पारंपरिक मंगलुरु शैली का नाश्ता किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति, खान-पान और शहर की पहचान से जुड़े पहलुओं को करीब से जाना।
नाश्ते के दौरान डीके शिवकुमार ने मंगलुरु के युवा सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स से भी बातचीत की। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्थानीय संस्कृति के प्रचार और नई पीढ़ी की भूमिका को लेकर चर्चा की।
गांधी स्क्वायर कैफे उस ऐतिहासिक स्थान के पास स्थित है, जहां महात्मा गांधी वर्ष 1934 में मंगलुरु यात्रा के दौरान पहुंचे थे। इस वजह से यह स्थान शहर के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी यादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल मंत्री-स्तरीय बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्थानीय लोगों, युवाओं और सांस्कृतिक स्थलों से जुड़ने का प्रयास भी किया। राज्य सरकार का कहना है कि तटीय क्षेत्रों के विकास और वहां की संभावनाओं को लेकर चर्चा के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है।
मंगलुरु में होने वाली मंत्री-स्तरीय बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें तटीय क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढांचे, उद्योग, पर्यटन और स्थानीय समस्याओं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।
कर्नाटक सरकार की ओर से पहली बार इस तरह की विशेष मंत्री-स्तरीय बैठक तटीय क्षेत्र में आयोजित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों और विकास योजनाओं पर सीधे चर्चा करना बताया जा रहा है।
तटीय कर्नाटक क्षेत्र व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और बंदरगाह गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलुरु राज्य के प्रमुख शहरों में शामिल है और यहां उद्योगों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का भी विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं की गईं। मंत्रियों और अधिकारियों के पहुंचने के साथ बैठक से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
डीके शिवकुमार ने अपने कार्यक्रम के दौरान धार्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक तीनों पहलुओं को जोड़ा। मंदिर दर्शन के बाद गांधी स्मारक स्थल का दौरा और युवाओं से संवाद को उनके मंगलुरु दौरे का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल राज्य की पहली विशेष मंत्री-स्तरीय बैठक पर सभी की नजरें हैं। बैठक में होने वाली चर्चा और फैसलों के आधार पर तटीय क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की आगे की रणनीति सामने आ सकती है।