बेंगलुरु। लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु में रिश्वतखोरी के आरोप में सेंट्रल GST विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी और उसके साथ जुड़े बिचौलिए ने एक मामले को खत्म करने और फाइल बंद करने के लिए 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

मामला बेंगलुरु के कोरमंगला स्थित सेंट्रल गवर्नमेंट ऑफिस कॉम्प्लेक्स का है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सेंट्रल GST विभाग के सुपरिटेंडेंट मोहित और सलमान नामक एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अधिकारी मोहित सेंट्रल GST के साउथ कमिश्नरेट के साउथ डिवीजन-4, A-रेंज में सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात थे। वहीं, सलमान पर अधिकारी और शिकायतकर्ता के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।


शिकायतकर्ता जमीर ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि सेंट्रल GST बकाये से जुड़े मामले में उसके खिलाफ कथित रूप से एक झूठी शिकायत दर्ज की गई थी। आरोप है कि इस मामले को खत्म करने और फाइल बंद करने के लिए अधिकारी की ओर से रिश्वत की मांग की गई।

शिकायत के अनुसार, सुपरिटेंडेंट मोहित ने कथित तौर पर सलमान के माध्यम से 8 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कार्रवाई की योजना बनाई।

लोकायुक्त अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद जाल बिछाया। इसी कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

लोकायुक्त पुलिस की ओर से मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और रिश्वत मांगने तथा लेने से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई के लिए लोकायुक्त जैसी जांच एजेंसियां समय-समय पर अभियान चलाती हैं। रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में भी लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की। हालांकि, आरोपों की पूरी पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

सेंट्रल GST विभाग से जुड़े मामलों में कारोबारियों और अधिकारियों के बीच लेन-देन तथा जांच प्रक्रिया को लेकर कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में विभागीय नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है।

बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल सेंट्रल GST अधिकारी मोहित और निजी व्यक्ति सलमान के खिलाफ जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

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