बेंगलुरु ; नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे कर्नाटक के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर नेपाल में फंसे कन्नड़ लोगों का पता लगाने और उनके सुरक्षित बचाव के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि नेपाल में फंसे कर्नाटक के लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के रेजिडेंट कमिश्नर समीर शुक्ला से उन्हें बचाव अभियान की पूरी जानकारी मिली है।

सीएम ने बताया कि नेपाल में कर्नाटक के कुल 33 लोग मौजूद थे। इनमें से दो लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, जबकि बाकी लोगों की स्थिति का पता लगाया जा चुका है। हालांकि, 14 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

33 लोगों में से 14 की तलाश जारी

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने जानकारी देते हुए कहा, "नेपाल में कर्नाटक के 33 लोग थे। इनमें से दो लोग वापस आ चुके हैं और बाकी लोगों का पता चल गया है। 14 लोग अभी भी लापता हैं।"

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार के संपर्क में है, ताकि लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा सके और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। ऐसे हालात में राहत और बचाव टीमों को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

फंसे लोगों में मैसूर और बेंगलुरु के नागरिक

मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल में फंसे कन्नड़ लोगों में से दो लोग मैसूर के रहने वाले हैं, जबकि बाकी लोग बेंगलुरु से संबंधित हैं। राज्य सरकार स्थानीय प्रशासन और केंद्र के अधिकारियों के संपर्क में रहकर उनकी जानकारी जुटा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाना है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क

कर्नाटक सरकार ने इस मामले में विदेश मंत्रालय से संपर्क बनाए रखा है। विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है, ताकि नेपाल में फंसे सभी कन्नड़ नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

नेपाल में प्राकृतिक आपदा से हालात गंभीर

नेपाल में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कुछ क्षेत्रों में लोगों का संपर्क टूट गया है। इस वजह से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल में कई लोग प्रभावित हुए हैं। भारत सरकार और विभिन्न राज्यों की सरकारें अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास कर रही हैं।

परिजनों की चिंता बढ़ी

नेपाल में फंसे लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार सरकार से संपर्क कर अपने रिश्तेदारों की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं।

कर्नाटक सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान लगातार जारी है और सभी प्रभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भरोसा दिलाया कि नेपाल में फंसे सभी कन्नड़ नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है।

फिलहाल 14 लोगों की तलाश जारी है और प्रशासन उनकी स्थिति का पता लगाने में जुटा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही सभी लोगों की जानकारी मिल जाएगी और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा।

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