बेंगलुरु। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बारिश के कारण यदाकुमारी के पास रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन होने से बेंगलुरु-मंगलौर रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोक दिया है और कुछ सेवाओं को रद्द करने की जानकारी दी है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में मलबा गिरकर रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिसके बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और ट्रैक को साफ करने का काम शुरू कर दिया गया। कर्मचारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से तेजी से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं।
हालांकि, लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण राहत और बहाली कार्य में परेशानी आ रही है। रेलवे अधिकारियों की प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर यातायात बहाल करना है, लेकिन सुरक्षा कारणों से जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
भूस्खलन के कारण कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
प्रभावित ट्रेनों में बेंगलुरु-मुर्देश्वर, बेंगलुरु-कोझिकोड और विजयपुरा-मंगलौर ट्रेनें शामिल हैं, जिन्हें हासन स्टेशन पर रोक दिया गया है। वहीं, बेंगलुरु-कारवार एक्सप्रेस को सकलेशपुर में रोका गया है। इसके अलावा मुर्देश्वर-बेंगलुरु और मंगलौर-विजयपुरा ट्रेनें सुब्रह्मण्य में खड़ी हैं।
इसी तरह कोझिकोड-बेंगलुरु ट्रेन को पुत्तूर स्टेशन पर रोक दिया गया है। रेलवे विभाग ने यात्रियों को ट्रेन संचालन में आई बाधा और रद्द या विलंबित सेवाओं के बारे में जानकारी दे दी है।
मलनाड क्षेत्र में मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं आमतौर पर देखने को मिलती हैं। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां रेलवे ट्रैक और सड़कों पर बारिश का सीधा असर पड़ता है। इस बार भी लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर मिट्टी खिसकने और जलभराव की स्थिति बनी है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रैक की पूरी जांच और मलबा हटाने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर स्थिति का आकलन कर रही है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि यातायात जल्द सामान्य हो सके।
यात्रियों ने बताया कि अचानक ट्रेन रुकने से उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को अपनी आगे की यात्रा को लेकर चिंता बनी रही। रेलवे की ओर से यात्रियों को लगातार अपडेट देने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने भी बारिश की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है, ऐसे में रेलवे और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। ट्रेनों के संचालन से जुड़ी जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से साझा की जा रही है।
फिलहाल यदाकुमारी के पास रेलवे ट्रैक पर गिरे मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार और राहत कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही बेंगलुरु-मंगलौर रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की जा सकेगी।
भारी बारिश के बीच यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे सुरक्षा की चुनौतियों को सामने लाती है। मानसून के दौरान ऐसे इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और समय पर कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होती है।