बेंगलुरु: गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कई सामाजिक संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को वापस लिया जाए और वोटर लिस्ट को SIR से पहले वाली स्थिति में बहाल किया जाए।
इस कार्यक्रम में हजारों लोग जुटे, जिनमें एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज, CJP के नेता और अन्य जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की। उनका आरोप था कि इस रिविजन प्रक्रिया से असली वोटरों पर बुरा असर पड़ा है।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई और वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया में ज़्यादा जवाबदेही की मांग की।
कई लोगों ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक जुड़ाव से कहीं बढ़कर है और इसका संबंध देश भर के नागरिकों के वोटिंग अधिकारों से है।
पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों में वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों और नामों को हटाने की खबरों पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने चुनाव आयोग से इस रिविजन प्रक्रिया और अपनाए गए तरीकों के बारे में ज़्यादा जानकारी देने की मांग की।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त पारदर्शिता के वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए। उन्होंने सुधारात्मक कदम उठाने और संबंधित डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज, डायरेक्टर और एक्टिविस्ट कविता लंकेश और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं और उन्होंने SIR प्रक्रिया को चलाने के तरीके पर सवाल उठाए।
वहां एक "पीपल्स ट्रिब्यूनल" (जनता की अदालत) भी आयोजित की गई, जहां आयोजकों ने बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों के वोटरों को अपने अनुभव साझा करने का मंच दिया। इन लोगों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना या उचित प्रक्रिया के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।
प्रदर्शनकारियों ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की और चुनाव आयोग पर SIR प्रक्रिया को लेकर उठाई गई चिंताओं का ठीक से समाधान न करने का आरोप लगाया।
फ्रीडम पार्क के आसपास और बेंगलुरु में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय तक जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और बैरिकेड्स तैनात किए गए थे।