बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित भर्ती अनियमितताओं को लेकर जांच तेज हो गई है। इसी मामले में KPSC के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. सहूकर गुरुवार को क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के सामने पेश हुए। उन्होंने जांच एजेंसी की ओर से जारी नोटिस का जवाब दिया और मामले से जुड़े सवालों का सामना किया।

यह मामला KPSC में 400 वेटनरी ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा के फाइनल सिलेक्शन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और कुछ बिचौलियों ने उम्मीदवारों से चयन कराने के नाम पर बड़ी रकम की मांग की।

मामले में विधान सौधा पुलिस ने पहले ही एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद जांच की जिम्मेदारी CID को सौंपी गई और एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी।

CID ने जारी किया था नोटिस

जानकारी के अनुसार, CID ने पूर्व KPSC चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. सहूकर को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। नोटिस के बाद वह गुरुवार को जांच अधिकारी के सामने पेश हुए।

सहूकर से भर्ती प्रक्रिया, चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की गई। हालांकि, पूछताछ के दौरान उन्होंने क्या जानकारी दी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

CID अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

400 वेटनरी ऑफिसर्स भर्ती में आरोप

मामले की शुरुआत 400 वेटनरी ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा के फाइनल सिलेक्शन में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद हुई। आरोप लगाया गया कि कुछ उम्मीदवारों के चयन में नियमों की अनदेखी की गई।

शिकायतों के अनुसार, कुछ बिचौलियों ने उम्मीदवारों से संपर्क किया और नौकरी दिलाने के नाम पर भारी रकम की मांग की। आरोप है कि प्रति उम्मीदवार 70 लाख रुपये से 80 लाख रुपये तक रिश्वत मांगी गई।

इन आरोपों के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई और जांच शुरू की गई।

कई ठिकानों पर हुई थी तलाशी

मामले की जांच के दौरान CID ने शिवशंकरप्पा एस. सहूकर से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी। जांच एजेंसी ने दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया।

CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितता हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

बिचौलियों की भूमिका पर जांच

CID की जांच का एक अहम हिस्सा कथित बिचौलियों की भूमिका को लेकर है। आरोप है कि कुछ लोगों ने उम्मीदवारों से संपर्क कर चयन के बदले पैसे मांगे।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था या फिर कुछ लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर यह काम किया।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वत की मांग करने वाले लोगों का KPSC या भर्ती प्रक्रिया से कोई सीधा संबंध था या नहीं।

KPSC की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद कर्नाटक लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। KPSC राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाली प्रमुख संस्था है।

ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता आयोग की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन की कोशिश है कि जांच के जरिए पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

CID अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

जांच एजेंसी सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

फिलहाल पूर्व चेयरमैन की CID के सामने पेशी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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