बेंगलुरु: 59वीं सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट ने एक्टर दर्शन की उस अर्ज़ी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने रेणुकास्वामी मर्डर केस में आरोपी से सरकारी गवाह बने प्रदोष का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को एक हफ़्ते के लिए टालने की मांग की थी। इसके साथ ही, अब प्रदोष का बयान तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार, 28 सितंबर को ही दर्ज किया जाएगा।

बचाव पक्ष ने यह कहते हुए स्थगन की मांग की थी कि उन्हें हाई कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए समय चाहिए। दर्शन की ओर से पेश सीनियर वकील हसमत पाशा ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी देर से मिली थी और बचाव पक्ष को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए कम से कम 10 दिन चाहिए थे।

अभियोजन पक्ष ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि आदेश सुनाए जाने वाले दिन ही कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था।

पाशा ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष को अन्य गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी रखनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर होने तक प्रदोष का बयान दर्ज करने का काम रोक देना चाहिए।

एडिशनल स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (ASPP) सचिन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हाई कोर्ट में विस्तृत कार्यवाही के बाद प्रदोष को 24 सितंबर को ही आधिकारिक समन भेजा जा चुका है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि बचाव पक्ष की अर्ज़ी में कोई नया आधार नहीं था और कोर्ट से इसे खारिज करने का आग्रह किया।


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