तुमकुरु। कर्नाटक के तुमकुरु जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घर पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाली 35 वर्षीय महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने महिला के लिव-इन पार्टनर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान रुबिया के रूप में हुई है। उसके साथ उसकी बेटियां तमन्ना (9) और सिमरन (5) भी मृत पाई गईं। बताया जा रहा है कि महिला ने शहर के बाहरी इलाके में बन रहे अपने नए घर में यह कदम उठाया। यह वही घर था, जिसके लिए रुबिया ने लंबे समय तक संघर्ष किया था और जिसके कारण वह राज्य स्तर पर चर्चा में आई थी।
निर्माणाधीन घर में मिले तीनों के शव
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात रुबिया ने अपनी दोनों बेटियों के साथ निर्माणाधीन मकान में जहरीला पदार्थ खा लिया। गुरुवार सुबह निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने काफी देर तक दरवाजा बंद देखा तो इसकी जानकारी दी।
मजदूरों से सूचना मिलने के बाद रुबिया के लिव-इन पार्टनर श्रीकांत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद अंदर रुबिया और उसकी दोनों बेटियों के शव मिले।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
घर के लिए मुख्यमंत्री से लगाई थी गुहार
रुबिया कुछ समय पहले अपने घर को लेकर संघर्ष के कारण चर्चा में आई थी। साल 2024 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तुमकुरु दौरे पर आए थे, तब रुबिया ने उनसे मुलाकात कर घर आवंटित करने की मांग की थी।
उसने मुख्यमंत्री से अपील की थी कि या तो उसे रहने के लिए घर दिया जाए या फिर उसे इच्छा-मृत्यु की अनुमति दी जाए। उसकी परेशानी सामने आने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा था।
इसके बाद सरकार की ओर से उसे 'आश्रय' योजना के तहत एक घर आवंटित किया गया था। हालांकि, घर के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज (टाइटल डीड) मिलने में देरी हो रही थी।
कागजों के इंतजार ने बढ़ाई परेशानी
बताया जा रहा है कि रुबिया को घर तो मिल गया था, लेकिन उसके नाम पर स्वामित्व दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। वह लंबे समय से इन कागजातों का इंतजार कर रही थी।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घर मिलने के बावजूद दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी और व्यक्तिगत परेशानियों के कारण वह मानसिक तनाव में थी।
हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किन परिस्थितियों ने महिला को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
लिव-इन पार्टनर के खिलाफ मामला दर्ज
सिरा टाउन पुलिस स्टेशन में रुबिया के लिव-इन पार्टनर श्रीकांत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या महिला और श्रीकांत के बीच किसी तरह का विवाद चल रहा था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
घटना से इलाके में शोक
रुबिया और उसकी बेटियों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में दुख का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रुबिया ने अपने घर के लिए काफी संघर्ष किया था और उसकी कहानी कई लोगों तक पहुंची थी।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाए।
सरकारी योजनाओं और व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि सरकार की ओर से रुबिया को घर आवंटित किया गया था, लेकिन दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने में देरी ने उसकी परेशानी बढ़ाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि आवास योजनाओं में केवल घर उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को समय पर सभी जरूरी दस्तावेज और अधिकार भी मिलने चाहिए।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। रुबिया और उसकी दो बेटियों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस दुखद घटना के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार थे।