बेंगलुरु। ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने बुधवार को कर्नाटक विकास कार्यक्रम (KDP) की बैठक के दौरान शहर में खराब सड़क व्यवस्था, कचरा प्रबंधन की कमी और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी को लेकर कई सवाल किए। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर चिंता जताते हुए पूछा कि आखिर बार-बार मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ रही है।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

बैठक के दौरान कृष्णा बायरे गौडा ने अधिकारियों से पूछा कि क्या कर्नाटक सरकार सड़क निर्माण के लिए अन्य राज्यों की तुलना में कम धनराशि उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर संसाधनों की कमी नहीं है तो फिर सड़कों की गुणवत्ता खराब क्यों दिखाई दे रही है।

मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि समस्या विकास कार्यों के लिए क्षमता और संसाधनों की कमी की है या फिर काम के क्रियान्वयन में किसी तरह की कमी है।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि खराब सड़कों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।

बार-बार खराब होने वाली सड़कों पर नाराजगी

बेंगलुरु में सड़क निर्माण और रखरखाव को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। बारिश के बाद कई इलाकों में गड्ढे और क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से काम की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि केवल सड़क बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर भी चर्चा

बैठक में शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था और कचरे के सही निपटान को लेकर जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि बढ़ते शहर के लिए प्रभावी कचरा प्रबंधन बेहद जरूरी है। यदि व्यवस्था में कमी रहती है तो इसका असर पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

मंत्री ने अधिकारियों को कचरा संग्रहण और निपटान व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

विकास कार्यों में पारदर्शिता पर जोर

कृष्णा बायरे गौडा ने विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं का लाभ लोगों तक सही तरीके से पहुंचना चाहिए।

उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता जांच और समयसीमा को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी मांगी।

अधिकारियों से मांगा जवाब

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कई मुद्दों पर जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जमीन पर अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।

बेंगलुरु के विकास को लेकर सरकार का फोकस

ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र देश के प्रमुख शहरी केंद्रों में शामिल है। तेजी से बढ़ती आबादी के कारण यहां सड़क, सफाई, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

राज्य सरकार की ओर से शहर के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव आम लोगों को दिखाई दे।

आगे निगरानी बढ़ाने के निर्देश

बैठक के बाद अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

खराब सड़कों, कचरा प्रबंधन और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर हुई इस बैठक के बाद अब अधिकारियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। सरकार का कहना है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम में तेजी और गुणवत्ता दोनों जरूरी हैं।

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