मांड्या में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस से झड़प, BJP-JDS समर्थकों पर हंगामे का आरोप
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले के मद्दुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के बड़े जुलूस के दौरान पुलिस और कुछ कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब पुलिस ने जुलूस के रास्ते में एक मस्जिद के पास नाचने और पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक, BJP-JDS समर्थित इस जुलूस में 108 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना था। प्रशासन की ओर से जुलूस को निर्धारित मार्ग से निकालने की अनुमति दी गई थी, लेकिन DJ के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी।
मस्जिद के पास प्रदर्शन को लेकर हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि गणेश विसर्जन जुलूस मद्दुर के तय मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान जब जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा तो कुछ लोग नाचने और पटाखे फोड़ने लगे। पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की और जुलूस को आगे बढ़ाने के लिए कहा।
पुलिस की रोक-टोक के बाद कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में झड़प में बदल गई। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे 600 से ज्यादा जवान
गणेश विसर्जन जुलूस को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जुलूस की निगरानी के लिए कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (KSRP) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों समेत 600 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
इसके अलावा जुलूस के पूरे मार्ग पर करीब 30 CCTV कैमरे लगाए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर नजर रखी जा सके। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की।
DJ पर लगाई गई थी रोक
प्रशासन ने जुलूस के लिए कुछ शर्तें तय की थीं। इनमें DJ के इस्तेमाल पर रोक भी शामिल थी। अधिकारियों का कहना था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी तरह के विवाद से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया था।
हालांकि, जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने इस प्रतिबंध का विरोध किया। इसी दौरान मस्जिद के पास गतिविधियों को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया।
108 गणेश प्रतिमाओं का होना था विसर्जन
मद्दुर में आयोजित इस गणेश विसर्जन कार्यक्रम में 108 गणेश प्रतिमाओं को शामिल किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता जुलूस में मौजूद थे।
गणेश उत्सव के अंतिम चरण में प्रतिमा विसर्जन के दौरान शहरों और कस्बों में बड़े जुलूस निकाले जाते हैं। प्रशासन की ओर से आमतौर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जाती है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और जुलूस को आगे बढ़ाया गया।
प्रशासन की कोशिश रही कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो।
इलाके में बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। CCTV फुटेज और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक आयोजनों में सतर्कता की जरूरत
गणेश विसर्जन जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। भीड़, जुलूस और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
मांड्या की घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करें और किसी भी तरह के विवाद से बचें।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन की नजर इलाके की स्थिति पर बनी हुई है।