Karnataka कर्नाटक: राजनीतिक हलचल के बीच विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष चलवाडी नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की नाश्ते पर हुई मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नारायणस्वामी ने इस मुलाकात को “बकवास” करार देते हुए कहा कि यह सिर्फ जनता को भटकाने और समय खरीदने की चाल है। नारायणस्वामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह नाश्ते पर मुलाकात कोई महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। यह कर्नाटक की जनता को बेवकूफ बनाने और ध्यान भटकाने के लिए एक टाइम-बायिंग टैक्टिक है। जनता को असली मुद्दों से दूर रखने के लिए ऐसे खेल खेले जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक नेतृत्व को जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि मीडिया और लोगों के बीच ऐसे दिखावटी कार्यक्रमों का सहारा लेना चाहिए। 

इस मुलाकात को कर्नाटक में सत्ता और विपक्ष के बीच तैयारियों और रणनीतियों के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार की बैठक केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि आने वाले चुनावों या विधायी प्रस्तावों के रणनीतिक निर्णयों से जुड़ी हो सकती है। वहीं, नारायणस्वामी ने इस बैठक को जनहित और वास्तविक प्रशासनिक कार्यों से दूर ले जाने वाला कदम बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष केवल दिखावा कर रहा है और जनता के सामने अपने मुल्यांकन और फैसलों की छवि सुधारने का प्रयास कर रहा है। 

कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि में यह मुलाकात उस समय हुई है जब राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में विपक्ष इस प्रकार की बैठकों को जनता को भटकाने वाला और समय निकालने वाला कदम मान रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में कर्नाटक की राजनीति और सत्ता-संघर्ष और भी तीव्र हो सकता है, और इस तरह की मुलाकातें इसके पूर्वाभास के रूप में देखी जा सकती हैं। नारायणस्वामी की टिप्पणी ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष इस प्रकार की कार्रवाईयों को गंभीरता से ले रहा है और जनता के सामने इन पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराने में पीछे नहीं है।
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