बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों पर लगाम लगाने का फैसला किया।
पीटीआई के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक सड़कों पर आरएसएस की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नए नियम बनाने का फैसला किया है। यह फैसला मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लिखे गए पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।
पत्र में खड़गे ने कथित तौर पर कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 के नियम 5(1) का हवाला दिया है, जो सरकारी कर्मचारियों को राजनीतिक दलों या संगठनों से जुड़ने से रोकता है और आरएसएस के कार्यक्रमों में भाग लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।