बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि राज्य सरकार मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी लेने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार को परियोजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का भरोसा मिला है।

डीके शिवकुमार ने शनिवार को सुत्तूर मठ शाखा में आयोजित डॉ. श्री राजेंद्र स्वामीजी की 111वीं जयंती समारोह में हिस्सा लेते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित, जल संरक्षण और कावेरी नदी के पानी के बेहतर प्रबंधन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

किसानों के हित में कावेरी जल संरक्षण पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कावेरी नदी का पानी कर्नाटक के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी है कि कावेरी के पानी का संरक्षण किया जाए और उसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान मजबूत होंगे तभी राज्य की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा बेहतर होगी। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन जरूरी है।

डीके शिवकुमार ने कहा कि जैसे राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए कन्नमबाड़ी कृष्णराज सागर (KRS) जलाशय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, उसी तरह कावेरी के पानी को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के लिए मेकेदातु जैसी परियोजनाओं की जरूरत है।

मेकेदातु परियोजना से पानी के बेहतर उपयोग का दावा

उन्होंने कहा कि मेकेदातु योजना का उद्देश्य कावेरी नदी के पानी का बेहतर उपयोग करना है। इस परियोजना के माध्यम से जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और जरूरत के समय पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

शिवकुमार ने कहा कि पानी की उपलब्धता और प्रबंधन आज के समय की बड़ी चुनौती है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जल परियोजनाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों के संरक्षण और विकास के लिए काम कर रही है।

केंद्र सरकार से मांगी जाएगी मंजूरी

डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार अब मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद परियोजना को लेकर सरकार का पक्ष मजबूत हुआ है।

उन्होंने संकेत दिया कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के अगले चरण पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार लंबे समय से इस परियोजना को लागू करने की मांग करती रही है।

कावेरी जल विवाद के बीच अहम परियोजना

मेकेदातु परियोजना कावेरी नदी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना मानी जाती है। इस परियोजना को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं।

कर्नाटक सरकार का कहना है कि इस परियोजना से राज्य को पानी का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी और किसानों को लाभ होगा। वहीं, तमिलनाडु की ओर से समय-समय पर इस परियोजना को लेकर आपत्तियां जताई जाती रही हैं।

राज्य सरकार का तर्क है कि परियोजना का उद्देश्य पानी को रोककर रखना और जरूरत के समय उसका उपयोग करना है।

ग्रामीण विकास और किसानों पर सरकार का फोकस

समारोह में बोलते हुए शिवकुमार ने ग्रामीण विकास और किसानों की मजबूती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का सही इस्तेमाल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी की मांग लगातार बढ़ेगी, इसलिए अभी से जल संरक्षण की दिशा में कदम उठाना जरूरी है।

परियोजना पर आगे बढ़ेगी सरकार

मेकेदातु परियोजना को लेकर कर्नाटक सरकार एक बार फिर सक्रिय हो गई है। उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद साफ है कि सरकार केंद्र से मंजूरी लेने और परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज करने वाली है।

सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य के किसानों, जल प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, परियोजना को लेकर अंतरराज्यीय सहमति और केंद्र की मंजूरी अहम भूमिका निभाएगी।

Tags: