Bengaluru बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने जातिगत और शैक्षिक सर्वेक्षण (कास्ट सेंसस) रिपोर्ट पर चर्चा को एक बार फिर टालते हुए अगली कैबिनेट बैठक में लेने का फैसला किया है। कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने बताया कि कुछ मंत्री अब भी अपनी राय नहीं दे पाए हैं, जबकि कुछ ने लिखित रूप में सुझाव भेज दिए हैं।
यह तीसरी बार है जब इस विषय पर चर्चा स्थगित की गई है। पहले यह चर्चा 17 अप्रैल को होनी थी, लेकिन बैठक बिना नतीजे खत्म हुई। इसके बाद 2 मई और फिर 9 मई को भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
कैबिनेट ने 15 मई से ग्रेटर बेंगलुरु अधिनियम लागू करने का भी निर्णय लिया, जिससे शहर में शासन का विकेंद्रीकरण होगा। अधिनियम के तहत 10 नगर निगम और एक "ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण" गठित किया जाएगा।