बेंगलुरु। बेंगलुरु के ऐतिहासिक लालबाग में आयोजित होने वाले 220वें फ्लावर शो में इस बार गंगा साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत आयोजित होने वाला यह भव्य पुष्प प्रदर्शनी कार्यक्रम 6 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगा, जिसमें फूलों से तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियां दर्शकों का मन मोहेंगी।

बागवानी विभाग के सचिव आर. गिरीश ने मंगलवार को लालबाग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्लावर शो की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार 6 अगस्त को सुबह 11 बजे इस फ्लावर शो का उद्घाटन करेंगे।

इस वर्ष फ्लावर शो का मुख्य विषय गंगा साम्राज्य की ऐतिहासिक विरासत को समर्पित है। फूलों के माध्यम से गंगा राजवंश के इतिहास, कला, संस्कृति और वीरता को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन में कई ऐसी पुष्प कलाकृतियां तैयार की जा रही हैं, जो दर्शकों को प्राचीन कर्नाटक की समृद्ध विरासत से परिचित कराएंगी।

फ्लावर शो का सबसे बड़ा आकर्षण बेगुर स्थित पंचलिंगेश्वर मंदिर की फूलों से बनाई जा रही प्रतिकृति होगी। करीब 1,200 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर को पूरी तरह से फूलों से तैयार किया जा रहा है। यह प्रतिकृति लगभग 50 फीट ऊंची और 24 फीट चौड़ी होगी।

आर. गिरीश ने बताया कि पंचलिंगेश्वर मंदिर की इस विशाल पुष्प प्रतिकृति को बनाने में करीब 6 लाख फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे तैयार करने में बागवानी विशेषज्ञों और कलाकारों की टीम लगातार काम कर रही है।

फ्लावर शो में गंगा साम्राज्य के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने वाली कई अन्य कलाकृतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें गंगा राजाओं की विशाल गजसेना यानी हाथियों की सेना, ऐतिहासिक युद्ध दृश्यों की झलक, श्रवणबेलगोला की प्रसिद्ध बाहुबली प्रतिमा और तलकाड के मंदिरों की प्रतिकृतियां प्रमुख आकर्षण होंगी।

आयोजकों के अनुसार, इस बार फ्लावर शो को केवल फूलों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को कर्नाटक की प्राचीन सभ्यता और विरासत के बारे में जानकारी देना है।

लालबाग का फ्लावर शो हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है और यह बेंगलुरु के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शनी को देखने पहुंचते हैं।

इस वर्ष भी बड़ी संख्या में पर्यटकों और शहरवासियों के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए लालबाग प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आगंतुकों की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

बागवानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फूलों की सजावट के साथ-साथ प्रदर्शनी क्षेत्र को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है। विभिन्न रंगों और प्रजातियों के फूलों से तैयार की गई कलाकृतियां इस आयोजन को और आकर्षक बनाएंगी।

गंगा साम्राज्य दक्षिण भारत के प्राचीन राजवंशों में से एक था, जिसने लंबे समय तक क्षेत्र की कला, वास्तुकला और संस्कृति के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। फ्लावर शो के माध्यम से इसी ऐतिहासिक योगदान को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

आयोजकों को उम्मीद है कि इस वर्ष का फ्लावर शो न केवल अपनी भव्यता के लिए याद किया जाएगा, बल्कि इतिहास और प्रकृति के अनोखे संगम के रूप में भी लोगों के बीच खास पहचान बनाएगा।

लालबाग में फूलों से सजी गंगा साम्राज्य की यह झलक स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण बनने जा रही है। 6 अगस्त से शुरू होने वाले इस आयोजन में आने वाले दर्शक फूलों की खूबसूरती के साथ-साथ कर्नाटक की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।

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