नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 18 लाख करोड़ रुपये का निवेश, भविष्य में और बढ़ने की उम्मीद: MNRE सचिव
Bengaluru बेंगलुरु। भारत के नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में अब तक करीब 18 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। यह निवेश बैंकों, वित्तीय संस्थानों, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), निजी इक्विटी और अन्य वित्तीय माध्यमों से आया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सारंगी ने कहा कि देश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है, जिससे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाना है।
MNRE सचिव ने बताया कि वित्तीय संस्थानों और निजी निवेशकों का भरोसा इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है। बड़े निवेश से नई परियोजनाओं को स्थापित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
भारत पिछले कुछ वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और मजबूत करना है। सारंगी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में घरेलू और विदेशी निवेश के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पूंजी प्रवाह और बढ़ेगा, जिससे भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।