बेंगलुरु जेल कांड: फोन इस्तेमाल पर प्रज्वल रेवन्ना से कस्टडी में पूछताछ
बेंगलुरु: कर्नाटक पुलिस, रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा काट रहे पूर्व JD(S) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। उनसे बेंगलुरु सेंट्रल जेल के अंदर मोबाइल फ़ोन के कथित इस्तेमाल के सिलसिले में पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते, JD(S) विधायक एच.डी. रेवन्ना के बेटे और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं।
अधिकारी मंगलवार को रेवन्ना और प्रताप नाम के एक अन्य कैदी को बेंगलुरु में सांसदों और विधायकों के लिए बनी स्पेशल कोर्ट ले गए और उन्हें जज के सामने पेश किया। पुलिस जेल के अंदर मोबाइल फ़ोन मिलने और उसके इस्तेमाल के मामले में पूछताछ के लिए 'बॉडी वारंट' के तहत प्रज्वल और दूसरे आरोपी की कस्टडी मांग रही है।
यह मामला परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में तब दर्ज किया गया जब बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रेवन्ना के सेल से कथित तौर पर एक एंड्रॉयड मोबाइल फ़ोन, एक पेन ड्राइव और एक चार्जर बरामद हुआ।
इसके बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें रेवन्ना अपने VIP सेल से मोबाइल फ़ोन पर बात करते हुए दिख रहे थे। वीडियो में उन्हें जेल के अंदर कई तरह की सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए भी दिखाया गया, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की और जेल की सुरक्षा में कथित सेंधमारी की जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, रेवन्ना के साथ सेल शेयर करने वाले प्रताप को पहला आरोपी और रेवन्ना को दूसरा आरोपी बनाया गया है।
उम्मीद है कि कोर्ट की मंज़ूरी मिलने के बाद पुलिस मंगलवार शाम तक रेवन्ना को हिरासत में ले लेगी। प्रताप को भी रेवन्ना के साथ कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि सेल से बरामद मोबाइल फ़ोन में आंध्र प्रदेश में रजिस्टर्ड सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था।
खबरों के मुताबिक, रेवन्ना ने जांचकर्ताओं को बताया है कि मोबाइल फ़ोन प्रताप का था, जो सेल में उनके साथ रह रहा था।
पुलिस सेल से बरामद एक डायरी की भी जांच कर रही है, जिसमें कथित तौर पर रेवन्ना के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के कॉन्टैक्ट नंबर थे। शुरुआती जांच से यह भी पता चला है कि ज़ब्त किए गए मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करके उनके कुछ रिश्तेदारों को कॉल किए गए थे। अब उम्मीद है कि पुलिस इस मामले के कई पहलुओं पर रेवन्ना और प्रताप से पूछताछ करेगी, जैसे कि आंध्र प्रदेश का सिम कार्ड कैसे मिला, जेल के अंदर मोबाइल फ़ोन कौन लाया, डिवाइस और दूसरी चीज़ें उनकी सेल तक कैसे पहुँचीं और क्या जेल की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ।
जांच करने वाले अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या जेल के अंदर या बाहर किसी ने मोबाइल फ़ोन या सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की थी।