बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार सुबह बेंगलुरु की यशवंतपुर APMC मार्केट का अचानक दौरा किया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम के सीधे किसानों, व्यापारियों और मजदूरों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं।
सुबह करीब 7 बजे मार्केट पहुंचे डीके शिवकुमार ने प्याज मंडी समेत कई हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से फसल की कीमत, बिक्री व्यवस्था और बाजार में आने वाली परेशानियों को लेकर बातचीत की।
मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से मार्केट में मौजूद किसानों और व्यापारियों में उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने मौके पर ही अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
प्याज, आलू और अदरक मंडियों का किया निरीक्षण
डीके शिवकुमार ने यशवंतपुर APMC मार्केट में प्याज, आलू और अदरक मंडियों का दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे व्यापारिक लेन-देन की जानकारी ली और किसानों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने किसानों और व्यापारियों से पूछा कि उन्हें बाजार में किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान किसानों ने कीमतों में उतार-चढ़ाव, फसल के सही वजन, बिचौलियों की भूमिका और बाजार व्यवस्था से जुड़ी कई शिकायतें सामने रखीं।
किसानों ने बताई बिजली और उत्पादन की समस्या
दौरे के दौरान हासन जिले से आए किसानों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
किसानों ने बताया कि बारिश कम होने के कारण इस साल फसल उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई जगह बोरवेल की सुविधा होने के बावजूद बिजली की समस्या के कारण सिंचाई में परेशानी आ रही है।
किसानों ने मुख्यमंत्री से बिजली आपूर्ति सुधारने और कृषि से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की।
महिला मजदूरों से भी की बातचीत
मुख्यमंत्री ने केवल किसानों और व्यापारियों से ही नहीं, बल्कि मंडी में काम करने वाली महिला मजदूरों से भी बातचीत की।
उन्होंने मजदूरों से उनके काम, सुविधाओं और रोजाना आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मौके पर अधिकारियों को दिए निर्देश
डीके शिवकुमार ने अधिकारियों से कहा कि किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
उन्होंने बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाने, किसानों को उचित सुविधा उपलब्ध कराने और मंडी में आने वाली दिक्कतों को दूर करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को लेकर गंभीर है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
अचानक दौरे से बढ़ी चर्चा
मुख्यमंत्री का यह अचानक दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
आमतौर पर मुख्यमंत्री के दौरे पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होते हैं, लेकिन डीके शिवकुमार बिना किसी बड़े प्रोटोकॉल के सीधे किसानों के बीच पहुंचे।
इससे उन्होंने जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझने का संदेश देने की कोशिश की।
कृषि बाजार व्यवस्था सुधारने पर जोर
कर्नाटक में कृषि उत्पादों की कीमत और बाजार व्यवस्था किसानों के लिए अहम मुद्दा रही है।
किसानों का कहना है कि कई बार उन्हें अपनी मेहनत के अनुसार उचित कीमत नहीं मिल पाती। वहीं, मंडियों में बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी शिकायतें सामने आती रही हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों की इन चिंताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा।
किसानों के हित में काम करने का भरोसा
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।