दावणगेरे में घायल तेंदुए ने बचाव अभियान के दौरान वन अधिकारी पर किया हमला
दावणगेरे। कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक घायल तेंदुए को बचाने के दौरान वन विभाग की टीम पर हमला हो गया। नेशनल हाईवे-48 पर कार की टक्कर से घायल हुए तेंदुए ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक वन अधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए।
घटना मंगलवार सुबह दावणगेरे तालुक के कोक्कनूर गांव के पास हुई। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित बचा लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।
हाईवे किनारे घायल हालत में मिला तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, एक तेंदुआ रात में नेशनल हाईवे-48 पार कर रहा था, इसी दौरान तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया।
टक्कर लगने के बाद तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया और पूरी रात सड़क किनारे पड़ा रहा। सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।
बेहोश करने की कोशिश के दौरान हमला
वन विभाग की टीम ने घायल तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए उसे बेहोश करने वाली दवा (ट्रैंक्विलाइजर) देने की योजना बनाई।
अधिकारियों ने तेंदुए को शांत करने के लिए दवा दी, लेकिन पूरी तरह बेहोश होने से पहले ही तेंदुआ अचानक सक्रिय हो गया।
इसी दौरान उसने एक वन अधिकारी पर हमला कर दिया। हमले में अधिकारी घायल हो गए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और तेंदुए को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए भेजा गया
हमले के बावजूद वन विभाग की टीम ने अभियान जारी रखा और आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
बाद में घायल तेंदुए को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वन अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की हालत पर नजर रखी जा रही है और उसका उपचार किया जा रहा है।
वन विभाग ने दिखाई सतर्कता
वन विभाग के कर्मचारियों ने इस पूरे अभियान में काफी सावधानी बरती। घायल वन्यजीव अक्सर दर्द और डर के कारण आक्रामक हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटना में घायल जानवरों को बचाने के दौरान विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने पड़ते हैं, क्योंकि वे खतरे को महसूस कर हमला कर सकते हैं।
हाईवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा
इस घटना के बाद हाईवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कर्नाटक के कई क्षेत्रों में जंगल और सड़क मार्ग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, जिसके कारण वन्यजीवों के सड़क पार करने के दौरान हादसों का खतरा बना रहता है।
तेज रफ्तार वाहन अक्सर जंगली जानवरों के लिए खतरा बन जाते हैं।
स्थानीय लोगों में बनी रही चिंता
तेंदुए के हाईवे किनारे घायल मिलने की खबर फैलने के बाद आसपास के गांवों में लोगों की भीड़ जुट गई थी।
वन विभाग ने लोगों से अपील की कि वे घायल वन्यजीवों के करीब न जाएं और तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि घायल जानवरों को छेड़ने से स्थिति खतरनाक हो सकती है।
घायल अधिकारी की स्थिति
तेंदुए के हमले में घायल वन अधिकारी को प्राथमिक उपचार दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
वन विभाग ने घटना की पूरी जानकारी जुटाने के लिए मौके का निरीक्षण भी किया है।