Bengaluru बेंगलुरु। इंडियासपोरा समिट 2026 के दौरान टी. वी. मोहनदास पई ने भारत में बड़े निवेश और उभरती सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में करीब 100 अरब डॉलर के निवेश की संभावना बन रही है, जो देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
पई ने कहा कि इस बड़े निवेश के साथ हार्डवेयर सेक्टर को भी मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत अब सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल देश अत्याधुनिक तकनीक के स्तर पर नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग केवल तकनीकी विकास ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और सप्लाई चेन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। भारत में इस क्षेत्र के विस्तार से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी फायदा होगा। इंडियासपोरा समिट में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जहां भारत की आर्थिक संभावनाओं, निवेश के अवसरों और वैश्विक साझेदारी पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव और चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति के चलते भारत एक वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। सरकार द्वारा भी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत पहल की गई हैं, जिससे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।