बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (BMIC) प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को बिदादी सेक्टर के 1,453 किसानों को जमीन के प्लॉट आवंटित करने का निर्णय लिया है।

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि BMIC से जुड़े मामलों को देखने के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सब-कमेटी की आठ बैठकें हो चुकी हैं और किसानों से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

परमेश्वर ने कहा कि सेक्टर-A (बिदादी) में प्लॉट आवंटन से जुड़े ज्यादातर मामलों का समाधान कर लिया गया है। अब पात्र किसानों को तय प्रक्रिया के अनुसार प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

जमीन देने वाले किसानों को राहत

BMIC परियोजना के लिए कई किसानों ने अपनी जमीन दी थी। लंबे समय से ये किसान मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे।

सरकार के इस फैसले को जमीन देने वाले किसानों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। प्लॉट आवंटन के जरिए सरकार किसानों को परियोजना से जुड़े लाभों में भागीदारी देने की दिशा में कदम उठा रही है।

कैबिनेट सब-कमेटी ने की थी समीक्षा

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि BMIC परियोजना से जुड़े मामलों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने कई दौर की बैठकें कीं।

उन्होंने कहा कि आठ बैठकों के दौरान किसानों की समस्याओं, कानूनी पहलुओं और प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार किया गया।

सब-कमेटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जमीन देने वाले किसानों के साथ न्याय हो और लंबित मामलों का समाधान जल्द किया जा सके।

बिदादी सेक्टर पर विशेष ध्यान

BMIC परियोजना में बिदादी सेक्टर महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में किसानों की जमीन परियोजना के लिए ली गई थी।

परमेश्वर ने बताया कि सेक्टर-A (बिदादी) से जुड़े ज्यादातर विवादों और तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। अब प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि परियोजना के कारण प्रभावित हुए किसानों को उचित लाभ मिल सके।

किसानों और विकास के बीच संतुलन

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। सरकारों के सामने चुनौती होती है कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।

कर्नाटक सरकार का यह फैसला इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। जमीन देने वाले किसानों को प्लॉट उपलब्ध कराने से उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

BMIC परियोजना का महत्व

बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर कर्नाटक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य बेंगलुरु और मैसूर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

इस परियोजना से क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था मजबूत होने और नए विकास क्षेत्रों के तैयार होने की उम्मीद जताई गई है।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्लॉट आवंटन से जुड़े बाकी प्रक्रियात्मक कार्यों को भी जल्द पूरा किया जाएगा। संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि जिन किसानों ने परियोजना के लिए योगदान दिया है, उनके हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है।

कर्नाटक कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब 1,453 किसानों को लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। सरकार का दावा है कि BMIC परियोजना और प्रभावित किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ा जाएगा।

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