Bengaluru बेंगलुरु: उत्तर कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय पेयजल आपूर्ति में व्यवधान देखा जा रहा है। क्षेत्र की अनेक झीलें और बैराज पूरी तरह से सूख गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के उपयोग के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
जिले में स्थापित 1,190 बोरवेल में से 454 अब उपयोग में नहीं हैं, और अनेक गाँवों में आरओ संयंत्र बंद पड़े हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन संयंत्रों का रखरखाव नहीं हो पाया, जिससे वे अब अशुद्ध जल का उपयोग कर रहे हैं।
हालांकि, अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने 250 जलाशयों को भरकर 70 दिनों की आपूर्ति सुनिश्चित की है और आपात स्थिति में निजी बोरवेल का सहारा लिया जाएगा।