बेंगलुरु। सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु के ऐतिहासिक केम्पेगौड़ा (मजेस्टिक) बस स्टैंड के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस वर्ल्ड-क्लास ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए प्रस्तावित 4,997 करोड़ रुपये के रेनोवेशन प्रोजेक्ट को राज्य परिवहन विभाग और सिंगल विंडो कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है।
अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता वाली स्टेट हाई लेवल क्लीयरेंस कमेटी (SHLCC) के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
केम्पेगौड़ा बस स्टैंड बेंगलुरु के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यहां से बस सेवाओं का उपयोग करते हैं। समय के साथ बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए मौजूदा बस स्टैंड को आधुनिक बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
प्रस्तावित योजना के तहत मजेस्टिक क्षेत्र को केवल बस टर्मिनल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे एक एकीकृत परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, आधुनिक यातायात प्रबंधन व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
मुख्य सचिव शालिनी रजनीश की अध्यक्षता में हुई स्टेट लेवल सिंगल विंडो अथॉरिटी (SLSWA) की बैठक में कुल सात बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। इन सभी परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 12,936.86 करोड़ रुपये बताई गई है।
बैठक में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, बागवानी, फिल्म और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की योजना बनाई गई है।
सरकार का मानना है कि PPP मॉडल के जरिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बेहतर तकनीक, निजी निवेश और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली का लाभ मिल सकेगा। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
केम्पेगौड़ा बस स्टैंड के पुनर्विकास का उद्देश्य बेंगलुरु के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत करना है। शहर में मेट्रो, बस और अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनने से यात्रियों को अलग-अलग परिवहन सेवाओं के बीच आसानी से बदलाव करने की सुविधा मिल सकती है।
मजेस्टिक क्षेत्र पहले से ही बेंगलुरु का प्रमुख परिवहन केंद्र है। यहां कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC), बेंगलुरु मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का संचालन होता है। यात्रियों की भारी भीड़ के कारण कई बार यहां ट्रैफिक और प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं।
नई परियोजना के तहत इन समस्याओं को दूर करने के लिए बेहतर डिजाइन, यात्री सुविधाओं और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को शामिल किए जाने की उम्मीद है। आधुनिक बस टर्मिनल, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, यात्रियों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र और डिजिटल सुविधाएं इस परियोजना का हिस्सा हो सकती हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में मजबूत परिवहन ढांचा आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। शहर में आईटी सेक्टर, उद्योग और व्यापार के विस्तार के साथ यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में जिन अन्य परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। सरकार की योजना है कि निजी निवेश को आकर्षित कर राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।
केम्पेगौड़ा बस स्टैंड का पुनर्विकास बेंगलुरु के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह योजना शहर के परिवहन ढांचे को नई दिशा दे सकती है।
फिलहाल परियोजना SHLCC की मंजूरी का इंतजार कर रही है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी और बेंगलुरु को एक ऐसा आधुनिक परिवहन केंद्र मिल सकता है, जो आने वाले वर्षों में शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा।