Bengaluru : छात्र ने की सुसाइड की कोशिश, शिक्षक की डांट के बाद कदम

Update: 2026-07-15 07:56 GMT

बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक स्कूल में छोटी सी बात पर शिक्षक द्वारा डांट और सजा मिलने के बाद कक्षा 7 के एक छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार को मरियप्पनपाल्या इलाके के एक स्कूल में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र को कक्षा में एक अन्य विद्यार्थी के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप में शिक्षक ने डांटा था। इसके बाद उसे कक्षा से बाहर जाने के लिए कहा गया।

पुलिस ने बताया कि घटना से पहले छात्र ने अपनी बहन को अपने फैसले के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, समय रहते परिजनों को इसकी जानकारी मिल गई और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, छात्र की हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि मामला कक्षा में हुई एक छोटी सी घटना से जुड़ा हुआ था। शिक्षक ने छात्र को दूसरे बच्चे के साथ कथित गलत व्यवहार को लेकर डांटा था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या छात्र को स्कूल में किसी तरह की मानसिक परेशानी, उत्पीड़न या गंभीर शारीरिक सजा का सामना करना पड़ा था। पुलिस स्कूल प्रशासन, शिक्षकों, छात्रों और परिवार के सदस्यों से जानकारी जुटा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा।

इस घटना के बाद स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षकों द्वारा अनुशासन बनाए रखने के तरीकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन सिखाते समय उनके मानसिक और भावनात्मक पक्ष का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की समस्याओं को समझने के लिए काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। कई बार बच्चे छोटी घटनाओं को भी बेहद गंभीर रूप में ले लेते हैं, इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए।

पुलिस ने बताया कि फिलहाल छात्र की स्थिति और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या गलत व्यवहार सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, छात्र के परिवार ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार यह जानना चाहता है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी, जिसके कारण बच्चे ने इतना बड़ा कदम उठाने की कोशिश की।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और छात्र के स्वास्थ्य में सुधार का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Tags:    

Similar News