NEET री-एग्जाम रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप, हावेरी की छात्रा ने NTA पर उठाए सवाल
कर्नाटक : हावेरी जिले के हंगल तालुक की एक छात्रा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) री-एग्जाम के नतीजों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा बिंदुश्री जगदीश पवार का दावा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से उपलब्ध कराई गई उनकी OMR आंसर शीट और उनके पास मौजूद OMR शीट में बड़ा अंतर है। छात्रा का आरोप है कि जारी की गई OMR शीट उनकी नहीं है, जिसके कारण उनके अंक बेहद कम आए हैं।
बिंदुश्री ने दावा किया कि NEET री-एग्जाम में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें लगभग 668 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन परिणाम में उन्हें -11 अंक दिए गए। छात्रा का कहना है कि यह अंतर केवल अंकों का नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
बिंदुश्री ने बताया कि उन्होंने II PU (12वीं कक्षा के समकक्ष) में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और पिछले दो वर्षों से NEET की तैयारी कर रही थीं। उनका कहना है कि उन्होंने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी और उन्हें उम्मीद थी कि उनका परिणाम अच्छा आएगा। लेकिन जब NTA की ओर से जारी OMR शीट देखी तो वह हैरान रह गईं।
छात्रा ने आरोप लगाया कि NTA द्वारा जारी OMR कॉपी में कई ऐसी चीजें हैं जो उनकी वास्तविक परीक्षा से मेल नहीं खातीं। उन्होंने कहा कि OMR शीट पर मौजूद अंगूठे का निशान भी सही नहीं है और वह ओवरलैप हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र में प्रवेश और बाहर निकलने का समय भी उस समय से अलग है, जब वह वास्तव में परीक्षा में शामिल हुई थीं।
बिंदुश्री का कहना है कि OMR शीट परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक होती है, क्योंकि इसी के आधार पर उम्मीदवारों के उत्तरों का मूल्यांकन किया जाता है। ऐसे में यदि OMR शीट ही गलत हो जाए तो छात्र के पूरे भविष्य पर इसका असर पड़ सकता है।
उन्होंने NTA से मामले की निष्पक्ष जांच करने और उनकी वास्तविक OMR शीट की दोबारा जांच करने की मांग की है। छात्रा का कहना है कि वह केवल अपने सही अंक और न्याय चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने परीक्षा के लिए मेहनत की है और किसी तकनीकी या प्रशासनिक गलती की वजह से उनका भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीक मूल्यांकन को लेकर हमेशा विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में किसी उम्मीदवार द्वारा OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाया जाना गंभीर मामला माना जा रहा है।
बिंदुश्री के आरोपों के बाद अब सभी की नजर NTA की प्रतिक्रिया पर है। यदि जांच में छात्रा के दावों की पुष्टि होती है तो यह परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों को और गंभीर बना सकता है। वहीं, NTA की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्रा और उसके परिवार को उम्मीद है कि एजेंसी मामले की जांच कर वास्तविक रिकॉर्ड सामने लाएगी। उनका कहना है कि परीक्षा में शामिल होने वाले हर छात्र को निष्पक्ष मूल्यांकन का अधिकार है और किसी भी गलती की स्थिति में सुधार की व्यवस्था होनी चाहिए।
इस मामले ने एक बार फिर परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता और डेटा सत्यापन की प्रक्रिया पर चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि NTA इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।