
कर्नाटक : उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि राज्य में कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया इसी हफ्ते पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह बयान दिल्ली रवाना होने से पहले दिया। शिवकुमार ने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर मीडिया जल्दबाजी कर रहा है, लेकिन सरकार इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
सदाशिवनगर स्थित अपने आवास के पास पत्रकारों से बातचीत के दौरान डी.के. शिवकुमार से जब कैबिनेट विस्तार को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आप (मीडिया) कैबिनेट विस्तार के मुद्दे पर जल्दबाजी कर रहे हैं।" उन्होंने संकेत दिया कि इस संबंध में जल्द ही फैसला लिया जा सकता है।
कर्नाटक में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। कई विधायक और नेता मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में शिवकुमार के बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने बताया कि वह राज्य के सांसदों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में कर्नाटक से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सांसदों को राज्य में सूखे की स्थिति, जल संकट और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शिवकुमार ने कहा कि राज्य के सामने पानी और सिंचाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय हैं। इनमें कावेरी, महादायी, मेकेदातु और कृष्णा नदी से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर केंद्र स्तर पर सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार वह सांसदों से अपील करने जा रहे हैं कि राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उनका उद्देश्य राज्य के विकास और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना है।
डी.के. शिवकुमार ने बताया कि दिल्ली में सांसदों के साथ चर्चा के बाद बेंगलुरु में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जाएगी। इस बैठक में राज्य के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। खासकर जल संसाधन और सिंचाई परियोजनाओं जैसे विषयों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के हित में काम करने की जरूरत है।
कर्नाटक में इस समय सूखे और जल प्रबंधन को लेकर चिंता बनी हुई है। कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और लंबित परियोजनाओं को गति देकर समस्याओं का समाधान किया जाए।
कावेरी नदी जल विवाद कर्नाटक के लिए लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। इसके अलावा महादायी और कृष्णा नदी से जुड़ी परियोजनाएं भी राज्य की सिंचाई व्यवस्था के लिए अहम मानी जाती हैं। मेकेदातु परियोजना को लेकर भी राज्य और केंद्र के बीच लगातार चर्चा होती रही है।
शिवकुमार के दिल्ली दौरे को इन मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि केंद्र सरकार और राज्य के सांसद मिलकर कर्नाटक के हितों से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाएं।
वहीं, कैबिनेट विस्तार को लेकर भी कांग्रेस के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नए मंत्रियों के नामों को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार सरकार के कामकाज और संगठन के बीच संतुलन बनाने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। कई विधायकों की नजर इस विस्तार पर टिकी हुई है।
फिलहाल डी.के. शिवकुमार के बयान से यह साफ है कि सरकार जल्द ही कैबिनेट विस्तार को लेकर कदम उठा सकती है। साथ ही, दिल्ली में सांसदों के साथ होने वाली बैठक में राज्य के प्रमुख मुद्दों पर रणनीति तय करने की तैयारी भी की जा रही है।





