बड़ा हादसा टला, नदी में फंसे दो कॉलेज छात्रों को ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने बचाया

Update: 2026-07-07 06:16 GMT

Karnataka कर्नाटक: कोडागु जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मल्लल्ली झरने के पास कुमारधारा नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से आंध्र प्रदेश के दो कॉलेज छात्र फंस गए। समय रहते स्थानीय ग्रामीणों और फायर एवं इमरजेंसी सर्विस टीम ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बचाए गए छात्रों की पहचान गणेश नायक (21) और संतोष कुमार (23) के रूप में हुई है। दोनों आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। बताया जा रहा है कि वे अपने कुछ दोस्तों के साथ घूमने के लिए कोडागु जिले के मशहूर मल्लल्ली झरने पहुंचे थे।

यहां पहुंचने के बाद दोनों छात्र झरने के आसपास के क्षेत्र में घूम रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए नदी में उतरने का फैसला किया। प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से लगाए गए सुरक्षा बैरियर को पार कर दोनों छात्र पानी में चले गए और नदी में खेलना शुरू कर दिया।

सेल्फी के चक्कर में बढ़ा खतरा




प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों छात्र नदी के बीच मौजूद एक चट्टान पर खड़े होकर सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नदी में पानी का बहाव तेज हो गया और जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते दोनों छात्र पानी के बीच फंस गए और उनके लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया।

छात्रों ने मदद के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और बचाव दल को दी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी अपनी ओर से मदद की कोशिश शुरू कर दी।

हाइड्रोइलेक्ट्रिक स्टेशन से छोड़ा गया पानी

बताया जा रहा है कि कुमारधारा नदी में पानी का अचानक बढ़ना ऊपर स्थित हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन से पानी छोड़े जाने के कारण हुआ। हालांकि, पानी छोड़े जाने से पहले सुरक्षा के लिए चेतावनी सायरन बजाया गया था।

लेकिन दोनों छात्र उस समय नदी में मस्ती करने और सेल्फी लेने में व्यस्त थे, जिसके कारण उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद नदी में पानी का बहाव बढ़ने से वे चट्टान पर फंस गए।

फायर टीम और ग्रामीणों ने चलाया बचाव अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही फायर और इमरजेंसी सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और जोखिम भरे हालात के बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक दोनों छात्रों तक पहुंच बनाई।

काफी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। रेस्क्यू के दौरान छात्रों को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई। उन्हें बाहर निकालने के बाद प्राथमिक जांच की गई।

प्रशासन ने पर्यटकों से की अपील

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक स्थानों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

मल्लल्ली झरना कोडागु जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में यहां नदी और झरने का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन की ओर से कई जगहों पर सुरक्षा निर्देश जारी किए जाते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

बारिश के मौसम में झरनों और नदियों के आसपास जाने वाले पर्यटकों के साथ कई बार हादसे सामने आते हैं। तेज बहाव, फिसलन भरी चट्टानों और अचानक बढ़ते पानी के कारण पर्यटकों की जान खतरे में पड़ जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक स्थलों पर घूमने के दौरान सुरक्षा संकेतों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी का बहाव नियंत्रित करने के लिए बांध या पावर स्टेशन मौजूद हों।

सुरक्षित बचाव से मिली राहत

इस घटना में राहत की बात यह रही कि ग्रामीणों और बचाव दल की तत्परता से दोनों छात्रों की जान बच गई। समय पर सूचना मिलने और तेजी से किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद दोनों छात्रों और उनके साथियों को सुरक्षा नियमों के महत्व का एहसास हुआ। प्रशासन ने एक बार फिर पर्यटकों से अपील की है कि वे रोमांच और सेल्फी के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में न डालें और हमेशा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

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