बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को दबाव में लाने और डराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
हरिप्रसाद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली तथा उनकी बेटी और कांग्रेस सांसद प्रियंका जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार और जांच एजेंसियां पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही हैं और उनका कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की जाती है।
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में करीब 18 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत शुरू की गई नई जांच के सिलसिले में की गई है।
ईडी की तलाशी में बेंगलुरु में मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकाने शामिल थे। इसके अलावा बेलगाम में उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली और उनके ससुर वाई.डी. मंजूनाथ से संबंधित परिसरों की भी जांच की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान कुछ दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच की गई। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक बरामदगी या कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
ईडी की कार्रवाई के बाद कर्नाटक की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है, जबकि जांच एजेंसी अपनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार को जांच एजेंसियों का इस्तेमाल निष्पक्ष तरीके से करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष के नेता सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तब उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी जाती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ईडी किसी भी मामले में उपलब्ध जानकारी और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई करती है। एजेंसी का उद्देश्य केवल जांच करना और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करना होता है।
सतीश जारकीहोली कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री के पद पर हैं। उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली भी कांग्रेस सांसद हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े परिसरों पर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
FEMA से जुड़े मामलों में ईडी आमतौर पर विदेशी लेन-देन, नियमों के उल्लंघन और वित्तीय गतिविधियों की जांच करती है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करती है कि विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
कर्नाटक में इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां इसे विपक्ष को निशाना बनाने की कार्रवाई बता रही है, वहीं जांच एजेंसी की प्रक्रिया को लेकर आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल ईडी की जांच जारी है और तलाशी के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी।
मामले में अब सभी की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और संभावित खुलासों पर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ईडी की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।