Delhi दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया  कि बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, के.सी. वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस ने हाल के दिनों में SIR को लेकर कई आपत्तियां उठाई हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से SIR-2026 प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही है। 
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि दक्षिण भारत की शिक्षा नीति को लेकर भी एक बैठक हुई। इसमें तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल के शिक्षा मंत्रियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की शिक्षा व्यवस्था, नीतियों और भविष्य की जरूरतों से जुड़े विषयों पर आपसी चर्चा की गई।
शिवकुमार ने यथिंद्र सिद्धारमैया के खिलाफ कथित 444 करोड़ रुपए के टेंडर घोटाले की शिकायत पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस शिकायत को झूठा बताया और कहा कि इसमें लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। हालांकि इस मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच या सक्षम प्राधिकरण की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
कर्नाटक में कॉर्पोरेशन और बोर्डों में नियुक्तियों तथा कैबिनेट विस्तार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह काम अभी बाकी है। दिल्ली में पार्टी हाई कमान की ओर से सूची भेजे जाने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शिवकुमार ने संकेत दिया कि राज्य सरकार और पार्टी संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार चर्चा हो रही है। हालांकि उन्होंने कैबिनेट विस्तार की कोई निश्चित तारीख या संभावित नामों की जानकारी नहीं दी।
SIR को लेकर देश में राजनीतिक विवाद भी जारी है। कांग्रेस नेतृत्व ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की है। वहीं चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित कार्यक्रम और मतदाता सूची संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। दिल्ली में हुई बैठकों के बाद अब कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार, बोर्ड और कॉर्पोरेशन की नियुक्तियों को लेकर पार्टी हाई कमान के अगले फैसले पर नजर रहेगी। शिवकुमार के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की सूची मिलने के बाद राज्य स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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