
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में मैसूर शुगर फैक्ट्री (MySugar) में हुए दर्दनाक हादसे में एक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री परिसर में गर्म पानी के टैंक में गिरने से 33 वर्षीय कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक की पहचान मद्दुर तालुक के के. शेट्टीहल्ली गांव निवासी चरण के रूप में हुई है। चरण पिछले करीब डेढ़ साल से एक निजी एजेंसी के माध्यम से मैसूर शुगर फैक्ट्री में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, चरण 3 सितंबर को फैक्ट्री के अंदर काम करने के दौरान गर्म पानी के टैंक में गिर गया था। हादसे के बाद फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
गंभीर रूप से घायल चरण को बेहतर इलाज के लिए मैसूर के के.आर. अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने MySugar फैक्ट्री के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और हादसे के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना था कि यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो एक मजदूर की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जोखिम वाले स्थानों पर काम करने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। गर्म पानी के टैंक जैसे खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और निगरानी व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्री में काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किस स्तर की लापरवाही रही, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
चरण की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कंपनियों को अधिक गंभीर होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
मैसूर शुगर फैक्ट्री कर्नाटक की पुरानी और प्रमुख चीनी मिलों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर काम करते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर अब प्रशासन की नजर है।
फिलहाल चरण की मौत के बाद फैक्ट्री के बाहर विरोध जारी है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





